धमतरी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
धमतरी, 16 नवंबर। जिला स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस 15 नवंबर को सांकरा में मनाया गया। मुख्य अतिथि राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा वर्मा थे। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा के तैलचित्र पर पुष्प व माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वर्चुअल संबोधन को अतिथियों, ग्रामीणों व अफसरों ने सुने। एकलव्य विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी।
जनजातीय समाज के वीर सपूतों के परिवारजनों, पदाधिकारी और जनप्रतिनिधियों का शॉल, श्रीफल से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही कृषि विभाग की ओर से 15 हितग्राहियों को मसूर मिनीकिट वितरण, 9 हितग्राहियों को स्प्रेयर पंप वितरण, पशु चिकित्सा विभाग की ओर से 8 हितग्राहियों को चेक वितरण, चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग की ओर से 10 हितग्राहियों को पोषण किट का वितरण, श्रम विभाग की ओर से 4 हितग्राहियों को राशि वितरित किया गया। कार्यक्रम स्थल में लगे विभिन्न विभागों के स्टॉलों का प्रभारी मंत्री और उपस्थित अतिथियों ने अवलोकन किया। अंत में सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया।
मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर जनजातीय गौरव दिवस मनाया जा रहा है। इससे जनजातीय समुदाय को जागृत किया जा रहा है। जनजातीय वीरों का छत्तीसगढ़ में बहुत बड़ा योगदान है। जब कभी भी हम आदिवासी की बात करते हैं, तो सबसे पहले भाव यही उठता है कि आदिवासी बहुत ही सहज सरल और उदार व्यक्ति होता है। प्रकृति और व्यक्ति के बीच संबंधों को सुधार कर सुंदर देखने का जनजाति समाज के जीवन को देखा जा सकता है। जनजाति जीवन शैली में भारत दर्शन और सनातन के मूल्य गुंजित होते हैं।
प्रदेश में हम जनजातीय समुदाय को ऊपर उठाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री द्वारा पीएम जनमन योजना लागू कर विशेष पिछड़ी जनजाति को राष्ट्र के मुख्यधारा से जोडऩे का प्रयास किया जा रहा है। इन वर्गों को आवास, शिक्षा, आत्मनिर्भरता के लिए कौशल विकास, स्वरोजगार संबंधी अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं।


