धमतरी

राजनीतिक दबाव में प्रशासन ने उखाड़ा चौपाटी दुकानों का कॉलम
27-Oct-2024 2:22 PM
राजनीतिक दबाव में प्रशासन ने उखाड़ा चौपाटी दुकानों का कॉलम

क्षतिपूर्ति की मांग कर ठेकेदार ने कही अदालत जाने की बात

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कुरूद, 27 अक्टूबर।
विधायक के धरना प्रदर्शन की चेतावनी एवं पार्टी के आला नेताओं से हुई सार्थक चर्चा का असर अब स्थानीय प्रशासन के कामकाज में दिखने लगा है। निकाय एवं राजस्व विभाग ने चौपाटी काम्प्लेक्स में बन रही दुकानों के कॉलम में बुलडोजर चला निर्माण कार्य बंद करा दिया है। संबंधित ठेकेदार अब इस मुद्दे को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में है। 

ज्ञात हो कि नगर पंचायत वार्ड क्रमांक 10 वृंदावन सरोवर किनारे बने शॉपिंग कांप्लेक्स के बीच खाली जमीन पर 15 नग दुकान बनाने का प्रस्ताव परिषद में पास कर टेंडर जारी किया गया था। 40.50 लाख की लागत से होने वाले इस कार्य का ठेका स्वास्तिक इंफा कुरूद को दिया गया। इसके लिए 27 सितम्बर को मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने अनुबंध के साथ लिखित कार्यादेश जारी किया था। उस आधार पर ठेकेदार ने 16 अक्टूबर से काम प्रारंभ किया।

इस बीच जलक्षेत्र को बचाने विधायक ने मौन साधने की चेतावनी देकर राजनीतिक एवं प्रशासनिक हल्कों में हलचल पैदा कर दी। फलस्वरूप परिषद के फैसले एवं अपने ही आदेश को धत्ता बता सीएमओ ने ठेकेदार से हुए एग्रीमेंट को रद्द कर दिया। राजनीतिक दबाव के चलते अफसरों ने बिना कोई पूर्व सूचना दिए ठेकेदार द्वारा कराए गए निर्माण कार्यों को बुलडोजर और मजदूरों से तुड़वा दिया। जिसकी वजह से संबंधित ठेकेदार को लाखों रुपया का नुकसान उठाना पडा है। 

अब ठेकेदार क्षतिपूर्ति राशि की मांग करते हुए अधिकारियों के चक्कर लगाने विवश है। ठेकेदार ने बताया कि नगर पंचायत ने निविदा प्रक्रिया पूरी कर न्यूनतम दर के अधार पर काम स्वीकृत कर कार्यआदेश जारी किया गया था। लेकिन 25 अक्टूबर को सीएमओ, इंजीनियर,तहसीलदार एवं पटवारी की उपस्थिति में बुलडोजर से कॉलम उखाड़ दिया गया। दो पक्षों की राजनीतिक लड़ाई में मुझे नुकसान उठाना पड़ा है। मैंने प्रशासन से क्षतिपूर्ति की मांग की है, निर्माण में खर्च राशि की क्षतिपूर्ति नहीं होने की स्थिति में मुझे न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा।

इस संबंध में एसडीएम डीडी मंडावी ने कहा कि शिकायत की जांच होने पर उक्त स्थल जलक्षेत्र में होना पाया गया। इसलिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश देकर नियम विरुद्ध हो रहे निर्माण कार्य में रोक लगाया गया है।


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