धमतरी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
धमतरी, 19 अक्टूबर। जिला अस्पताल धमतरी में 3 दिन पहले मोतियाबिंद की सर्जरी हुई थी। इस दौरान 4 लोगों की आंखों में इंफेक्शन आया था। इनमें से 3 का मौके पर ही इलाज किया गया, जबकि एक का ज्यादा इंफेक्शन होने के कारण निजी अस्पताल में रेफर करना पड़ा। इसके बाद आंख का ऑपरेशन बंद हो गया था।
आंख में इंफेक्शन की जांच के लिए रिपोर्ट रायपुर भेजी गई। रिपोर्ट 18 अक्टूबर को देर-शाम आई। इसमें रिपोर्ट निगेटिव है। चारों मरीज की आंख स्वस्थ बताई गई है। रिपोर्ट आने के बाद से 21 अक्टूबर को फिर से आंख का ऑपरेशन जिला अस्पताल में शुरू होगा।
14 अक्टूबर को मगरलोड ब्लॉक के अलावा धमतरी समेत अन्य जिले से पहुंचे 17 लोगों के मोतियाबिंद की सर्जरी हुई। एक के बाद एक कर 4 लोगों के आंख में इंफेक्शन हो गया। इसे लेकर सर्जरी बंद करनी पड़ी थी। रिपोर्ट रायपुर भेजी गई। एक मरीज को निजी अस्पताल भेजा गया था, जो ठीक होकर अपने घर लौट गई। इधर, सर्जरी बंद होने से ऑपरेशन कराने पहुंचने वाले लोग परेशान भी हुए।
सीएमएचओ डॉ. यूएल कौशिक ने कहा कि मोतियाबिंद की सर्जरी के बाद 4 लोगों के आंख में इंफेक्शन आ गया था। इसका कारण जानने कल्चर रिपोर्ट रायपुर भेजा गया था। रिपोर्ट निगेटिव आई है, यानी सभी ठीक है। सोमवार से सर्जरी शुरू हो जाएगी। इस तरह के इंफेक्शन के एक-दो केस हो जाते हैं। दवाई से ठीक हो जाते हैं। चार मामले आने के कारण सर्जरी बंद करनी पड़ी थी। अब सभी स्वस्थ हैं।
क्या है मामला?
जिला अस्पताल धमतरी में मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने के बाद 4 मरीजों को दिखना बंद हो गया था। उसके बाद इन चारों मरीज को अस्पताल में एडमिट करके रखा गया।
नेत्र रोग विशेषज्ञ के मुताबिक मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद दूसरे दिन आंखों की पट्टी खोली जाती है। इस दौरान मरीज के आंखों में अगर इंफेक्शन या संक्रमण होते हैं, तो मरीज के आंखों से दिखाई देना बंद हो जाता है। इसके साथ ही आंखों में ज्यादा दर्द होना जैसे लक्षण सामने आते हैं, जो काफी खतरनाक और घातक साबित हो सकते हैं।
यदि आंखों में इस तरह का इंफेक्शन होता है और इसका तत्काल उपचार नहीं किया जाए, तो आंखों की रोशनी जाने का भी खतरा बना होता है।


