धमतरी

गंगा के तट पर प्रभु राम के पग पखार केवट महान हो गया-श्रीरामस्वरूपाचार्य
30-Sep-2024 4:49 PM
गंगा के तट पर प्रभु राम के पग पखार केवट महान हो गया-श्रीरामस्वरूपाचार्य

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कुरुद, 30 सितंबर।
ग्राम छाती में चौथे दिवस की रामकथा सुनाते हुए कामदगिरि के जगदगुरु शंकराचार्य श्रीरामस्वरूपाचार्य  ने केवट प्रसंग पर कहा कि गंगा का घाट भक्ति का घाट जहां भक्त शिरोमणि केवट ने भगवान का प्रक्षालन कर भक्तिशास्त्र का अद्भुतभुत दृश्य दिखाया, जहां पर भगवान ने खुद केंवट से नाव मांगीं। 

ग्राम पंचायत छाती के मंडी प्रागंण में आयोजित पांच दिवसीय श्रीराम कथा में श्रीरामस्वरूपाचार्य महाराज ने सामने बैठे भक्तों को बताया कि गंगा के तट पर भगवान के पग पखार केवट महान हो गया, यह उसके पिछले जन्म का पुण्य प्रताप था। जिसके चलते उसे भगवान का साक्षात्कार प्राप्त हुआ। 

कथावाचक ने बालाजी मंदिर के लड्डू में मिलावट वाले मामले को घटिया राजनीति करार दिया। उन्होंने इसमें संलिप्त लोगों को लताड़ लगाते हुए हिन्दू भाईयों को ऐसी घटनाओं से सीख लेने की बात कही। 

जिला पंचायत सभापति तारणी चंद्राकर ने जगद्गुरु एवं साथ आये साधु संतों का कुरुद क्षेत्र में स्वागत करते हुए कहा कि भगवान राम का चरित्र पारिवारिक रिश्तो को दर्शाता है। केंवट प्रसंग से हमें यह सीख मिलती है कि समाज में जात-पात, उंच-नीच, भेदभाव की जगह सौहार्द की भावना जगाना है। 

उन्होंने कहा कि कथा श्रवण कर उसे अपने जीवन में उतार कर ही हम आदर्श समाज की रचना कर सकते हैं। पूर्व मंडी अध्यक्ष नीलम चन्द्राकर ने बताया कि आध्यात्म एवं धर्म का अनुसरण से जीवन की सार्थकता है, रामकथा हमें आदर्श पथ पर चलने की प्रेरणा देता है।  इस मौके पर शेखर चंद्राकर, सुरेश महावर, महेश्वरी चंद्राकर, विमला, रुक्मिणी, रमाकांत, राजेन्द्र, डोमन, बसंत,भरत, कोदूराम, सुरेश चंद्राकर, संतोष साहू, पल्टन, भोजराम, तोरण, चेतन, मोतीलाल दिनेश, गोवर्धन, दशमत साहु, विनोद, मोती, दुग्धेश्वर यदु, शकुन सेन, त्रिवेणी नेताम, अनुसुइया ध्रुव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।


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