धमतरी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
नगरी, 28 अगस्त। जिला पंचायत सदस्य और युवा आदिवासी नेता मनोज साक्षी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर छतीसगढ़ सरकार के स्कूलों के युक्तियुक्तकरण करने के फैसले की निंदा करते हुए कहा कि शासकीय स्कूलों में स्थापित 2008 निर्धारित सेटअप में प्राथमिक शाला में न्यूनतम 3 शिक्षक माध्यमिक शाला में 5 शिक्षकों कें स्थान पर क्रमश 2और 4 शिक्षकों की पदस्थापना से ना केवल प्राथमिक और माध्यमिक शाला का अध्यापन प्रभावित होगा बल्कि शासन की इस नीति से निजी स्कूलों को सीधा लाभ दिलाने की शासन की मंशा उजागर हो रही है।
तत्कालीन शिक्षा मंत्री ने विधानसभा में 32 हजार शिक्षकों की नई भर्ती करने की घोषणा की जिससे जो युवा शिक्षक बनने का सपना देख रहे है। उन युवाओं के सपने पर कुठाराघात करते हुवे युक्तियुक्त करण से सीधे 32 हजार शिक्षकों के पद हमेशा के लिये समाप्त हो जाएंगे, जिससे शासकीय स्कूलों की गुणवत्ता सीधे तौर पर प्रभावित होगी शासन की। इस मंशा से बेरोजगारी भी बढऩी तय है छतीसगढ़ सरकार स्कूलों के युक्तिकरण करने में लगी है वहीं दूसरी ओर शासकीय शराब दुकानों की संख्या बढ़ाने में लगी हुई है।
शासन के युक्तियुक्तकरण करने के निर्णय से पूरे प्रदेश में 4077 स्कूल और आदिवासी ब्लॉक नगरी में 100 स्कूल हमेशा के लिये बंद हो जाएगा।


