धमतरी

व्यक्तित्व निर्माण में स्कूलों की भूमिका अहम- मालकराम
25-Jul-2024 6:26 PM
व्यक्तित्व निर्माण में स्कूलों की भूमिका अहम- मालकराम

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कुरुद, 25 जुलाई। व्यक्तित्व निर्माण में विद्यालयों की अहम भूमिका होती है। संस्कारों की पहली पाठशाला घर होता है। संस्कार विहीन व्यक्ति की सामाजिक जिम्मेदारियां और  भागीदारी शून्य होती है। उक्त बातें साहू संघ प्रदेश उपाध्यक्ष मालकराम साहू ने शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में कही।

सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुरुद में आयोजित शाला प्रवेशोत्सव व प्रतिभावान विद्यार्थी सम्मान समारोह कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री साहू ने उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं पालकों को संबोधित करते हुए कहा कि स्कूल हमारे व्यक्तित्व के नव निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। संस्कारों का हमारे जीवन मे विशेष महत्व है। यदि संस्कार न हो तो हमारी सामाजिक जिम्मेदारियां और भागीदारी शून्य होगी।

भाजपा नेता श्री साहू ने माना कि संस्कारों की पहली पाठशाला घर से शुरू होती है। हम जो घर से सीखते हैं, वही बाहर करते हैं। इसके बाद स्कूल में संस्कारों का समायोजन होता है। यह संस्था भी विद्यार्थियों में संस्कारों के बीज रोपित कर समाज के नवनिर्माण में महत्वपूर्ण भागीदारी निभा रही है।

उन्होंने आगे कहा कि प्रतिभा प्रत्येक बच्चों में होती है, अवसर मिलने से वह प्रतिभा निखरती है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना की।

इस अवसर पर विद्यालय समिति के एलपी गोस्वामी, देवनाथ सोनी,  नेमीचंद बैस, रामायणलाल साहू, श्री शुक्ला, जितेंद्र निर्मलकर, स्कूल के शिक्षक एवं पालकगण उपस्थित थे।


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