दन्तेवाड़ा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दंतेवाड़ा, 29 मार्च। दंतेवाड़ा में ग्रामीणों की आय का महत्वपूर्ण स्रोत इमली संग्रहण और विक्रय होता है। जिससे उनकी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति होती है।
इस वर्ष जिले के साप्ताहिक बाजारों में इमली खरीदी 50 रुपए के मूल्य पर की जा रही है। उक्त मूल्य मार्च के दौरान संग्राहकों को पूर्व में कभी नहीं मिल सका। इस प्रकार से इस वर्ष मार्च के दौरान इमली का मूल्य सर्वाधिक ऊंचाई पर रहा। इसका सीधा लाभ इमली के संग्राहकों को मिला।
कीट प्रकोप से फसल में कमी
दंतेवाड़ा के दूधीरास के ग्रामीणों ने बताया कि इस वर्ष इमली की फसल अत्यधिक कमजोर है। इसका कारण पेड़ में कीड़ों का इमली को नुकसान पहुंचना रहा। जिससे इमली पेड़ में समाप्त हो गई। आलम यह है कि दैनिक जीवन के दौरान इमली की आवश्यकता पूर्ण नहीं हो पा रही है।
ग्रामीणों द्वारा इमली का खाद्य पदार्थ के रूप में उपयोग किया जाता है। वहीं घरेलू उपयोग के अतिरिक्त शेष इमली का विक्रय किया जाता है।


