दन्तेवाड़ा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दंतेवाड़ा, 28 जनवरी। विगत दिवस एक सियासी दल के पदाधिकारी के परिजनों समेत 20 मतदाताओं के नाम हटाए जाने का समाचार प्रकाश में आया था। उक्त संदर्भ में में जिला चुनाव कार्यालय द्वारा स्पष्टीकरण दिया गया है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष की माता समेत 20 मतदाताओं के नाम हटाने के के आरोप के संबंध में निर्वाचन कार्यालय द्वारा स्थिति स्पष्ट की गई है। कार्यालय ने बताया कि मतदाता सूची में नाम विलोपन अथवा संशोधन हेतु फार्म-07 की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी एवं तीन चरणों में संपन्न होती है।
प्रथम चरण में बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर जांच, सत्यापन एवं पंचनामा तैयार कर दावा-आपत्ति प्राप्त की जाती है। जांच में सही नहीं पाए जाने पर दावा-आपत्ति निरस्त की जाती है। द्वितीय चरण में सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा बीएलओ के अपलोड दस्तावेजों की जांच कर सही पाए जाने पर प्रकरण निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को भेजा जाता है। तृतीय चरण में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा समस्त दस्तावेजों की जांच के बाद अंतिम निर्णय लिया जाता है।
निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के निर्णय से असहमति की स्थिति में 15 दिवस के भीतर जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष प्रथम अपील तथा 30 दिवस के भीतर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के समक्ष द्वितीय अपील का प्रावधान है।
विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के अंतर्गत दावा-आपत्ति अवधि में प्रति सप्ताह राजनीतिक दलों की बैठक आयोजित कर फार्म-9, 10, 11, 11ए एवं 11बी की हार्ड कॉपी उपलब्ध कराई जा रही है। इसी क्रम में 27 जनवरी को आयोजित बैठक में 25 जनवरी को प्रकाशित समाचार के संबंध में भी चर्चा की गई।


