दन्तेवाड़ा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दंतेवाड़ा, 29 नवंबर। भारतीय स्टेट बैंक द्वारा निष्क्रिय बैंक खातों को सक्रिय करने और उनके वारिसों को राशि लौटाने की मुहिम चलाई गई है। जिला पंचायत के सभाकक्ष में जिले में लंबे समय से निष्क्रिय पड़े बैंक खातों को पुन: सक्रिय करने और नागरिकों को सुरक्षित बैंकिंग सेवाओं से जोडऩे के लिए ( 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2025 तक) सभी ब्लॉकों में विशेष शिविर आयोजित के तहत कार्यशाला का आयोजन किया गया। डीईएएफ (जमाकर्ता शिक्षा और जागरूकता कोष) योजना के तहत चल रहे इन कैंपों का उद्देश्य पिछले दस वर्षों से बंद पड़े खातों का त्वरित, पारदर्शी और सरल निपटान करना हैं।
कार्यशाला में अभियान ‘‘आपकी पूंजी, आपका अधिकार’’ के तहत निष्क्रिय बैंक खातों में जमा राशि वापस दिलाने में बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। अब तक जिले में 0.72 करोड़ रुपए की राशि हकदारों को लौटा दी गई है। जिला प्रशासन की सक्रियता और लगातार चलाए जा रहे जागरूकता शिविरों के फलस्वरूप ऐसे खातों की पहचान की गई है, जिन पर वर्षों से कोई दावा नहीं किया गया था। इन निष्क्रिय खातों में कुल 12 करोड़ रुपए से अधिक की राशि दर्ज है, जिसे हकदारों तक पहुंचाने के लिए दस्तावेज सत्यापन एवं दावा प्रक्रिया तेज गति से जारी है। अभियान के दौरान बैंकवार रिपोर्ट में सबसे अधिक निष्क्रिय उपभोक्ता भारतीय स्टेट बैंक से जुड़े हुए पाए गए।
शिविरों में 150 से अधिक नागरिक पहुंचे, जिनके दस्तावेज सही पाए जाने पर उनके दावों का तत्काल निपटान किया गया और उन्हें प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए। आधार, पैन सत्यापन, दावा फॉर्म भरने तथा निष्क्रिय खातों को सक्रिय करने की पूरी प्रक्रिया शिविर स्थल पर ही पूर्ण कराई गई।
इस अवसर पर पात्र लाभार्थियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम में भारतीय रिजर्व बैंक रायपुर के महाप्रबंधक श्री गुप्ता, क्षेत्रीय प्रबंधक छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक जगदलपुर मोहित सिंघल और अग्रणी बैंक अधिकारी, शिवराम बघेल प्रमुख रूप से मौजूद थे।


