मामला एमएमजीजीपीवाई-एसआरजी-07 के कार्यों में गड़बड़ी का
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 20 नवंबर। एमएमजीजीपीवाई-एसआरजी-07 के सडक़ निर्माण के कार्यों में गड़बड़ी की शिकायत पर प्रधानमंत्री कार्यालय के द्वारा मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन को पत्र भेजते हुए जांच करने के आदेश दिए है।
मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ योजना के कार्य अंतर्गत पैकेज क्रमांक एमएमजीजीपीवाई -एसआरजी-07 के सडक़ निर्माण कार्य में अधिकारियों एवं ठेकेदार के द्वारा गुणवत्ताहीन कार्य करने, कार्य पूर्ण किए बगैर पूर्णता प्रमाण पत्र जारी कर संपूर्ण राशि निकालने , शासन की रॉयल्टी की राशि चोरी करने एवं शासकीय राशि का फर्जी दस्तावेज के आधार पर गबन करने का आरोप लगाते हुए डॉ. डीके सोनी अधिवक्ता एवं आरटीआई कार्यकर्ता के द्वारा 19 सितंबर को प्रधानमंत्री कार्यालय के समक्ष दस्तावेजों सहित शिकायत आवेदन प्रस्तुत किया गया था।
शिकायत में उल्लेख किया गया कि कार्यपालन अभियंता ग्रामीण विकास संभाग कार्यालय के द्वारा ठेकेदार सुबोध कुमार शुक्ला को मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ योजना के अंतर्गत वर्क आर्डर क्रमांक 1859 दिनांक 7 जनवरी 2021 को पैकेज नंबर एम एम जी सी पी वाई-एस आर जी-07 जिसमें 1.प्रधानमंत्री सडक़ से झंडा चौक निम्हा तक 2. अटल चौक से कबीर चबूतरा लटोरी तक 3. मेन रोड गांधी चौक से बस्ती गुमगराकला तक 4. मेन रोड से स्कूल बगदररी तक 5. जुगेश्वर घर से जयपाल घर सिरकोटन्गा तक सडक़ निर्माण कार्य का वर्क ऑर्डर जिसकी टेंडर राशि 85.88 लख रुपए थी एवं उक्त ठेकेदार सुबोध कुमार शुक्ला को 20.79 प्रतिशत बिलो राशि दर से प्रदान किया गया था जो ऐसे 68.02 लाख रुपए हैं जिसका एग्रीमेंट नंबर 09-एम एम जी सी पी वाई 2020-21 दिनांक 7 जनवरी 2021 तथा उक्त कार्य को पूर्ण काटने की अवधि वर्षा ऋतु को सम्मिलित कर 4 महीने की है।
उपरोक्त पांचों कार्यों की पूर्णता प्रमाण पत्र कार्यपालन अभियंता ग्रामीण विकास विभाग संभाग सीजीआरआरडीए अंबिकापुर जिला सरगुजा के द्वारा प्रमाण पत्र 29 मई 2021 को प्रदान की गई है,संबंधित ठेकेदार के द्वारा उपरोक्त कार्यो में भारी अनियमितताएं की गई है।
उपरोक्त पैकेज के निर्माण कार्यों में ठेकेदार के द्वारा संबंधित अधिकारीयों को प्रभावित करके उनके साथ सांठगांठ कर फर्जी एमबी बनाकर कार्य का लेख किया गया है तथा स्टीमेट तथा ड्राइंग डिजाइन के अनुसार कार्य नहीं कराया गया है जो कि मौका स्थल पर देखने से स्पष्ट प्रमाणित है।
संबंधित ठेकेदार के द्वारा उपरोक्त कार्यो का निर्माण गुणवत्ताहीन एवं घटिया स्तर का करते हुए भारी अनियमितता किया गया है जो की पूर्ण रूप से शासन तथा करोड़ों करदाताओं के टैक्स के पैसों की चोरी को दर्शाता है जो कि अपराध की श्रेणी में आता है।
उपरोक्त सडक़ निर्माण कार्य को संबंधित ठेकेदार के द्वारा पूर्ण रूप से कार्य नहीं कराया गया है जबकि ठेकेदार के द्वारा अधिकारियों से मिली भगत कर उपरोक्त कार्यो की पूर्णता प्रमाण पत्र जारी कर कर अनावेदकगण से उपरोक्त पैकेज के संपूर्ण राशि प्राप्त कर लिया गया है,इसके अलावा ठेकेदार एवं अधिकारियों के द्वारा उपरोक्त कार्य घटिया एवं गुणवत्ताहीन स्तर का होने से उखड़ चुका है।जिससे कि यह प्रमाणित है कि संबंधित ठेकेदार के द्वारा इन कार्यों में भारी भ्रष्टाचार किया गया है।
उपरोक्त कार्यों में स्टीमेट के अनुसार दर्शाई गई लंबाई के अनुसार पूर्ण रूप से निर्माण कराया जाना था परंतु संबंधित ठेकेदार के द्वारा उसका भी पालन नहीं किया गया है और स्टीमेट के अनुसार दर्शाई गई सडक़ की लंबाई का पूर्ण रूप से निर्माण नहीं कराया गया और उसका भी भुगतान प्राप्त कर लिया गया है जो कि यह प्रमाणित करता है कि ठेकेदार एवं अधिकारियों के द्वारा आपसी मिलीभगत कर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर शासकीय राशि का गबन कर अनियमितता किया गया है,इसलिए संबंधित ठेकेदार एवं अधिकारियों के विरुद्ध शासकीय राशि का गबन करने के संबंध में प्रथम सूचना पत्र कराए जाने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया है।
उपरोक्त निर्माण कार्यों को पूर्ण करने के पश्चात ठेकेदारों के द्वारा खनिज विभाग से खनिज चुकता प्रमाण पत्र प्राप्त करना अत्यंत आवश्यक होता है परंतु ठेकेदार एवं अधिकारियों से मिली भगत कर
फर्जी चुकता प्रमाण पत्र बलरामपुर खनिज विभाग से मिलीभगत कर कार्यपालन अभियंता के छत्तीसगढ़ ग्रामीण सडक़ विकास प्राधिकरण अंबिकापुर के द्वारा प्राप्त किया गया है जिसकी विधिवत जांच करने की भी मांग की गई है जिससे कि करोड़ों रुपए की रॉयल्टी प्राप्त होगा।
मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ योजना के कार्य के अंतर्गत पैकेज क्रमांक एमएमजीजीपीवाई- एसआरजी-07 के सडक़ निर्माण कार्यों में अधिकारियों ठेकेदार के द्वारा गुणवत्ताहीन कार्य करने, कार्य पूर्ण किए बगैर पूर्णता प्रमाण पत्र जारी कर संपूर्ण राशि निकालने, शासन के रॉयल्टी की राशि चोरी करने के एवं शासकीय राशि का फर्जी दस्तावेज के आधार पर गबन करने के संबंध में डॉ. डीके सोनी अधिवक्ता के द्वारा सूचना के अधिकार के तहत दस्तावेज प्राप्त कर उक्त दस्तावेजों के साथ प्रधानमंत्री कार्यालय को शिकायत की गई थी, जिस पर प्रधानमंत्री कार्यालय नई दिल्ली के द्वारा मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन को पत्र भेजते हुए संबंधित शिकायत की जांच करने हेतु निर्देशित किया गया है।