रायपुर

भारत के पहले हेरिटेज ओलंपियाड में शामिल होकर जाने कितनी समझ है अपनी विरासत की
13-Apr-2021 7:59 PM 23
भारत के पहले हेरिटेज ओलंपियाड में शामिल होकर जाने कितनी समझ है अपनी विरासत की

शहर से जुड़े युवाओं ने शुरू किया संस्कृति स्टार्टअप, 18 को होगा ऑनलाईन टेस्ट

रायपुर, 13 अप्रैल। यदि आप अपनी सांस्कृतिक विविधता और विरासत की समझ को टटोलना चाहते हैं तो आप हिस्सा बन सकते हैं हेरिटेज ओलंपियाड का। 18 अप्रैल को विश्व विरासत दिवस के अवसर पर आयोजित हो रहे हेरिटेज ओलंपियाड में चार वर्ग में बच्चे और अन्य प्रतिभागी हिस्सा ले सकेंगे। ‘संस्कृति’ स्टार्ट अप की ओर से भारत में पहली बार संस्कृति और विरासत से जुड़ी संभवत: यह पहली ओलंपियाड है। 

‘संस्कृति’ की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुश्री अंचिता बी नायर ने बताया कि उनके इस प्रयास को विश्व विद्यालय तथा विद्यालयों ने विशेष तौर पर सराहा है। विश्व विरासत के संरक्षण और संवर्धन पर कार्य कर रही संस्था युनेस्को, राष्ट्रीय रेल म्यूजियम, म्यूजियम्स ऑफ इंडिया, शाहपीडिया,  नेहरू प्लेनेटोरियम, बनस्थली विद्यापीठ, नारायणा विज्ञान फाउंडेशन, पोटली, इंडिया हेरिटेज वॉक्स, ट्रीप मॉई वे , कोलकाता सेंटर फॉर क्रियेटिविटी समेत कई अन्य संगठनों ने ‘संस्कृति’ के प्रयासों को समर्थन और सहयोग प्रदान किया है।  उन्होंने बताया कि 18 अप्रैल को आयोजित इस ओलंपियाड में हिस्सा लेने के लिए प्रतिभागियों को ऑनलाइन पंजीयन द्धह्लह्लश्च://222.द्धद्गह्म्द्बह्लड्डद्दद्गशद्य4द्वश्चद्बड्डस्र.ष्शद्व/  पर जाकर कराना होगा।

रायपुर से जुड़ी और वर्तमान में दिल्ली में कार्यरत सुश्री अंचिता ने बताया कि दो युवाओं ने मिलकर संस्कृति स्टार्टअप की कल्पना की है। उन्होंने बताया कि विभिन्न क्षेत्रों और विषयों पर लोग कार्य करते हैं पर संस्कृति और विरासत को लेकर बच्चों , युवाओं तथा विद्यर्थियों को एक स्थान पर जानकारी नहीं मिल पाती है। विषय का विश्वसनीय होने के साथ ही उसे रोचक ढंग से प्रस्तुत करना भी आवश्यक होता है। इससे बच्चों में इन विषयों के प्रति रूचि बढ़ती है।

सुश्री अंचिता ने बताया कि यूनेस्को जैसे संगठनों और संस्थाओं ने इस हेरिटेज ओलंपियाड को संबल दिया है। उन्होंने बताया कि भारत में इस विरासत से जुड़े विषय पर पहली बार कोई ओलंपियाड का आयोजन हो रहा है। इस ऑनलाइन हेरिटेज ओलंपियाड में हमारी विभिन्न संस्कृतियों, विश्व की अनेक सभ्यताओं , परंपराओं और विरासत से जुड़े सवाल शामिल होंगे। प्रतियोगिता में चार वर्ग में प्रतिभागी हिस्सा ले सकेंगे। इसमें पहले समूह में कक्षा 5 से 7 तक के बच्चे , समूह दो में कक्षा आठवीं से दसवीं तक ,तीसरे समूह में ग्यारहवीं और बारहवीं के बच्चे तथा चौथे समूह में अन्य सभी युवा तथा विरासत से जुड़ाव रखने वाले लोग शामिल हो सकेंगे। 
 

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