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वंडर किड्स अकादमी में न्यूट्रीशन पेरेटिंग वर्कशॉप
रायपुर, 15 फरवरी। डॉ. श्वेता छाबड़ा ने बताया कि न्यूट्रीशन पेरेंटिंग वर्कशॉप- 14 फरवरी 2026 को पेरेंट्स के लिए न्यूट्रीशन वर्कशआप का आयोजन किया गया । जिसमे की 30 से 35 पेरेंट्स ने हिस्सा लिया। आज की इस भाग दौड़ भरी दुनिया में सभी लोग चाहते हैं की उनका बच्चा हर चीज में टॉप करे। पढ़ाई में खेल कूद में मल्टीटासकर हो पर इन सब बातो में पेरेंट्स क्या ये ध्याब दे रहे की उनका बच्चा खाना भी टॉप का खा रहा है की नहीं खा रहा है या उनके पास समय की कमी है तो ये जाँच परख वो रखी नाइ पर रहे है और घर के दूसरे लोग या वो बाहर के खाने पे ज्यादा निर्भर है।
डॉ. छाबड़ा ने बताया कि अगर ऐसा है तो उनके बच्चों के फिजिकल और मेन्टल ग्रोथ में परेशानी जाएगी और इसका सीधा सीधा असर उनकी परफोमेंस पे पड़ेगा। इस उम्र में ज़ो पेरेंट्स वहां उपस्थित थे उनके बच्चों की उम्र 5 साल से लेकर करके 7 साल थी, ये एक बहुत इम्पोर्टेन्ट उम्र होती है ज़ब बच्चा नया नया स्कूल जाना शुरू करता है यहाँ से वो बड़े स्कूल में जाता है।
डॉ. छाबड़ा ने बताया किज्यादा देर घर से बाहर समय व्यतीत करता है तो ऐसे में उसका खान पान का ध्याब रखना बहुत जरुरी है जहाँ एक स्कूल की और पेरेंट्स की दोनों की भूमिका होती है और ज़ो सबसे बड़ी गलती हमारे बच्चों की डाइट में होती है वो होती प्रोटीन की कमी कार्बोहाइड्रेट बहुत देते है ( रोटी चावल) बट प्रोटीन ज़ो बच्चों को उनके वजन के हिसाब से 2 ग्राम / केजी बॉडी वेट मिलना चाहिए वो बहुत कम मिलता है।
डॉ. छाबड़ा ने बताया किऐसे में ही उन्होंने जानकारी दी की कैसे बच्चों को सुबह से रात तक उनकी उम्र के हिसाब से अमूमन प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, गुड फैट , विटामिन, मिनरलस में आयन कैल्शियम, जि़ंक दिया जाए ज़ो उनकी इस उम्र में बहुत ज़्यादा जरूरत है, जिससे उनकी एनर्जी हाई बनी रहे, जिससे उनके दांतो की समस्या कम हो और वो सभी चीजी में भरपूर हिस्सा ले पाए। और किस तरीके से हम बाहर के खाने को कम करे और सबसे इम्पोर्टेन्ट बात यह बताइए की हेल्थी खाने या हेल्थी एडवाइसमेंट से आकर्षित ना होकर के कैसे सही दिमाग़ लगा कर फ़ूड लेवल को पढ़ कर सही चीजों की शॉपिंग करे।


