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कलिंगा द्वारा जिला न्यायालय राजनांदगांव में साइबर लॉ पर उच्चस्तरीय संगोष्ठी आयोजित
15-Feb-2026 4:38 PM
कलिंगा द्वारा जिला न्यायालय राजनांदगांव में साइबर लॉ पर उच्चस्तरीय संगोष्ठी आयोजित

रायपुर, 15 फरवरी। कलिंगा विश्वविद्यालय, रायपुर ने बताया कि 12 फरवरी 2026 को जिला न्यायालय, राजनांदगांव में साइबर लॉ एवं डिजिटल साक्ष्य की ग्राह्यता विषय पर एक उच्च-प्रभावी संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस शैक्षणिक–न्यायिक पहल में 160 से अधिक अधिवक्ताओं की सक्रिय सहभागिता रही तथा 16 माननीय न्यायाधीशों की गरिमामयी उपस्थिति ने इसे ज्ञान-विनिमय का एक महत्वपूर्ण मंच बना दिया।

विश्वविद्यालय ने बताया कि इस संगोष्ठी का उद्देश्य डिजिटल साक्ष्य, साइबर अपराध कानूनों तथा न्यायिक प्रक्रिया में इलेक्ट्रॉनिक अभिलेखों की विकसित होती न्यायिक व्याख्या के प्रति विधिक समझ को सुदृढ़ करना था। डिजिटल लेन-देन और साइबर विवादों में तीव्र वृद्धि को ध्यान में रखते हुए सत्र में विधि समुदाय के भीतर तकनीकी दक्षता और प्रक्रियात्मक समझ की बढ़ती आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया।

विश्वविद्यालय ने बताया कि कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय श्री विजय कुमार होता, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, राजनांदगांव ने की। साथ ही परिवार न्यायालय, विशेष न्यायालय, अतिरिक्त सत्र न्यायालय एवं सिविल न्यायालय के वरिष्ठ न्यायिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। उनकी सहभागिता न्यायपालिका की उभरते विधिक क्षेत्रों में सतत व्यावसायिक उन्नयन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

विश्वविद्यालय ने बताया कि विशेषज्ञ सत्र में विधि संकाय के अधिष्ठाता डॉ. अजीम खान एवं सहायक प्राध्यापक डॉ. पलक शर्मा ने वैधानिक प्रावधानों, महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णयों, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य की ग्राह्यता से संबंधित मानकों तथा ट्रायल न्यायालयों में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों पर विस्तृत प्रकाश डाला। इस संगोष्ठी से अधिवक्ताओं को प्रक्रियात्मक सुरक्षा उपायों, साक्ष्य संबंधी आवश्यकताओं तथा समकालीन साइबर विधिक मुद्दों की स्पष्ट समझ प्राप्त हुई। इस सेमिनार ने डिजिटल साक्ष्य के प्रबंधन, फोरेंसिक अनुपालन तथा साइबर संबंधी मामलों में न्यायिक व्याख्या के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।


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