बेमेतरा
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम के क्रियान्वयन पर बैठक
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बेमेतरा, 4 जून। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से जनपद पंचायत बेमेतरा में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में ब्लॉक कॉर्डिनेटर, स्वच्छ भारत मिशन के अधिकारी-कर्मचारी एवं ग्राम पंचायतों के सचिव उपस्थित रहे। बैठक में भारत के सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के शत-प्रतिशत पालन पर विशेष बल देते हुए सभी ग्राम पंचायतों में स्वच्छता गतिविधियों को नियमित रूप से संचालित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में सभी ग्राम पंचायतों को घर-घर से नियमित कचरा संग्रहण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही ग्रामीणों से अपील की गई कि वे अपने घरों से निकलने वाले कचरे को प्रारंभिक स्तर पर ही अलग-अलग श्रेणियों में पृथक करें। इससे स्वच्छता समूहों को कचरे की छंटाई में सुविधा होगी तथा अपशिष्ट प्रबंधन की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी बन सकेगी।
दुकानों में डस्टबिन रखना होगा अनिवार्य
नए नियमों के तहत सभी दुकानदारों को अनिवार्य रूप से डस्टबिन रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कचरा खुले में न फैले और स्वच्छ वातावरण बना रहे। बैठक में बताया गया कि हरे रंग के डस्टबिन में गीला कचरा, नीले डस्टबिन में सूखा कचरा तथा लाल डस्टबिन में सेनेटरी नेपकिन एवं अन्य जैविक अपशिष्ट रखा जाना है। वहीं ई-वेस्ट, बैटरी एवं एक्सपायरी दवाइयों को अलग से सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि गांवों में किसी भी स्थान पर कचरे का ढेर दिखाई नहीं देना चाहिए।
मिश्रित कचरा देने वाले परिवारों को समझाइश देकर पृथक कचरा संग्रहण की आदत विकसित करने तथा स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
सेप्टिक टैंक की वैज्ञानिक सफाई पर चर्चा
बैठक में सेप्टिक टैंक की सुरक्षित सफाई एवं फिकल स्लज प्रबंधन को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। ग्राम पंचायत डोलिया में स्थापित फिकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट में सेप्टिक टैंक अपशिष्ट के वैज्ञानिक निष्पादन के निर्देश दिए गए। बताया गया कि ग्रामीण न्यूनतम शुल्क जमा कर अपने घरों के सेप्टिक टैंक की सुरक्षित एवं प्रशिक्षित कर्मियों द्वारा सफाई करा सकते हैं, जिससे पर्यावरण संरक्षण एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य को लाभ मिलेगा।


