बेमेतरा

सुशासन तिहार प्रशासन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम-कलेक्टर
02-May-2026 3:52 PM
सुशासन तिहार प्रशासन को मजबूत करने  की दिशा में महत्वपूर्ण कदम-कलेक्टर

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बेमेतरा, 2 मई। सुशासन तिहार 2026 एवं जनगणना 2027 के संबंध में प्रेस वार्ता आयोजित हुई। कलेक्टर ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दोनों ही पहलें शासन की पारदर्शिता, जवाबदेही और जन केंद्रित प्रशासन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

कलेक्टर ने बताया कि सुशासन तिहार 2026 शासन की सकारात्मक सोच का प्रतीक है, जिसका उद्देश्य आम नागरिकों तक प्रशासन की पहुंच को आसान और प्रभावी बनाना है। इस अभियान के तहत 30 अप्रैल तक सभी विभागों द्वारा योजनाओं के आवेदनों का संतृप्तिकरण किया गया है।

उन्होंने कहा कि इस पहल का मूल उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निराकरण करना, शासकीय योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना और शासन को सीधे जन-जन तक ले जाना है।

जिले में 38 जनसमस्या निवारण शिविर

कलेक्टर ने बताया की जिले में इस अभियान के अंतर्गत कुल 38 जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इनमें 23 शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में और 15 शिविर 11 नगर पंचायतों के नगरीय क्षेत्रों में लगाए जाएंगे। ये शिविर 01 मई से 10 जून 2026 के बीच आयोजित होंगे।

आवेदन प्रक्रिया और नागरिकों से अपील

कलेक्टर ने बताया कि शिविरों में नागरिकों से सीधे आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। उन्होंने अपील की कि प्रत्येक समस्या के लिए एक ही आवेदन प्रस्तुत करें तथा आवेदन में सभी आवश्यक जानकारी स्पष्ट रूप से भरें। शिविर स्थल पर आवेदन प्रारूप उपलब्ध रहेगा, जिससे किसी को असुविधा न हो।

 

एक माह में निराकरण, सतत मॉनिटरिंग

शिविरों में प्राप्त सभी आवेदनों का अधिकतम एक माह के भीतर निराकरण किया जाएगा। प्रत्येक आवेदक को उसके आवेदन की स्थिति की जानकारी देना अनिवार्य होगा। साथ ही पूरे अभियान की निरंतर मॉनिटरिंग की जाएगी, शिविरों के बाद समीक्षा बैठकें होंगी और वरिष्ठ अधिकारी फील्ड विजिट कर योजनाओं की जमीनी स्थिति का आकलन करेंगे। इस अभियान के माध्यम से लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण होगा और विकास कार्यों को नई गति मिलेगी। यह पहल ‘सरकार आपके द्वार’ की अवधारणा को साकार करती है, जिसमें प्रशासन स्वयं जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं का समाधान करता है। कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने बताया कि भारत सरकार के निर्देशानुसार जनगणना 2027 का प्रथम चरण 1 मई से 30 मई 2026 तक संचालित किया जाएगा। इस चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य किया जाएगा।

 जिसमें प्रगणक घर-घर जाकर 33 बिंदुओं पर जानकारी एकत्र करेंगे।

 जिले में कुल 11 नगरीय निकाय और 09 तहसीलों को मिलाकर 20 चार्ज बनाए गए हैं। इसके अंतर्गत 1542 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक  तैयार किए गए हैं।

कार्य के लिए 1495 प्रगणक और 263 पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं। प्रत्येक 6 प्रगणकों पर एक पर्यवेक्षक तैनात रहेगा।

डिजिटल माध्यम से होगी जनगणना

इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जाएगी। प्रगणक  मोबाइल ऐप के जरिए डेटा संकलन करेंगे और सभी कार्यों की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। इससे डेटा अधिक सटीक और समय पर उपलब्ध होगा, साथ ही नागरिकों की गोपनीयता भी पूरी तरह सुरक्षित रखी जाएगी।

नागरिकों से सहयोग की अपील

कलेक्टर ने जिले के सभी नागरिकों से अपील की कि वे प्रगणकों को सही एवं स्पष्ट जानकारी प्रदान करें। उन्होंने कहा कि जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, जिसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। प्रेस वार्ता के अंत में कलेक्टर ने कहा कि सुशासन तिहार और जनगणना जैसे अभियान प्रशासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने के साथ-साथ विकास को नई दिशा देंगे।


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