बेमेतरा
22 बैंकों की 77 शाखाओं में केवल 12 सक्रिय
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बेमेतरा, 9 अप्रैल। बेमेतरा जिले में केंद्र सरकार की पीएम-सूर्य घर मुक्त बिजली योजना बैंकिंग प्रक्रियाओं की जटिलताओं के कारण गति नहीं पकड़ पा रही है। सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने और बिजली बिलों में से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से शुरू हुई इस योजना के तहत अब तक 1206 लोगों ने आवेदन किया है, परंतु आधे से भी कम हितग्राहियों को इसका वास्तविक लाभ मिल पाया है।
कड़े ऋण मानक बने बाधा
शासन ने इसे बहुउपयोगी बनाने और नागरिकों को वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों से जोडक़र अतिरिक्त आय का जरिया देने लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि बैंक फाइनेंस की बाधा के कारण इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। सरकारी वादों और भारी सब्सिडी के आकर्षक के बावजूद बैंकों के कड़े ऋण मानकों ने मध्यमवर्गीय हितग्राहियों के उत्साह पर पानी फेर दिया है।
ऋण वितरण के मामले में स्टेंट बैंक आगे
जिले की कुल 22 बैंकों की 77 शाखों में से केवल 12 ने हीं इस योजना में सक्रियता दिखाई है। भारतीय स्टेट बैंक को 609 आवेदन मिले, जिनमें से 305 प्रकरणों में 5 करोड़ 65 लाख का ऋण वितरित हुआ, लेकिन 215 आवेदन निरस्त किए गए।
जिला सहकारी बैंक में भी 325 आवेदन पहुंचे जिनमें से 185 को मंजूरी मिली और 112 को निराशक ही हाथ लगी। बैंक ऑफ़ बड़ौदा ने 264 आवेदनों में से 116 को स्वीकृत किया और 87 को निरस्त किया। अन्य प्रमुख बैंक जैसे यूबीआई, बैंक आफ इंडिया और इंडियन बैंक की स्थिति संतोषजनक है। बैंकों में स्वीकृतियों के मुकाबले लंबित और निरस्त फाइलों का अंबार लगा हुआ है।
लक्ष्य के मुकाबले धीमी प्रगति
वित्तीय वर्ष 2024-25 में बेमेतरा को 1400 व साजा संभाग को 1000 यूनिट का लक्ष्य था, जिसके विरुद्ध बेमेतरा में 14 व साजा में 3 ने सोलर सिस्टम लगवाए। चालू सत्र के शुरुआती चार महीना में दोनों संभागों को मिलाकर केवल 61 रूफ़ टॉप सोलर लगाए गए हैं। हालांकि पिछले सत्र के लंबित 219 प्रकरणों की स्वीकृति के बाद इस सत्र में रुझान बड़ा है, लेकिन वित्तीय समस्या बड़ी दीवार है।
प्रक्रिया सरल बनाने की मांग
स्थानीय प्रशासन ने बैंकों से ऋण प्रक्रिया को सरल बनाने की अपील की है, ताकि अधिक से अधिक लोग योजना का लाभ ले सकें।
बैंक वाले ही बता सकते हैं -जेई
इस संबंध में जूनियर इंजीनियर गुलाब साहू ने कहा कि लोन स्वीकृत करना बैंक से संबंधित प्रकरण है। इस पर विद्युत विभाग की ओर से कुछ भी नहीं कहा जा सकता। बैंक वाले ही कुछ बता सकते हैं।


