बेमेतरा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बेमेतरा, 8 अप्रैल। बीते दिनों शहर में आयोजित धार्मिक शोभायात्रा में चाकूबाजी के दौरान घायल हुए युवक की बिलासपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक अमन पिता सुशील ध्रुव शहर के वार्ड क्रमांक 16 का रहने वाला है। फिलहाल प्रकरण में सिटी कोतवाली में अपराध पंजीबद्ध नहीं किया गया है। बेमेतरा पुलिस के अनुसार मर्ग डायरी मिलने के बाद ही अपराध पंजीकृत किया जाएगा। मामला प्रथम दृष्टिया हत्या का प्रतीत होता है। परिवार जनों ने युवक की हत्या की आशंका जताई है।
उल्लेखनीय है कि मृतक 3 अप्रैल को शहर में आयोजित धार्मिक शोभायात्रा में शामिल होना कह कर घर से निकला था। रात्रि करीब 10.45 बजे शोभायात्रा का प्रताप चौक के पास पहुंचने पर भीड़ में शामिल अज्ञात व्यक्ति ने मृतक पर धारदार हथियार से हमला कर दिया।
भीड़ का फायदा उठाकर
किया हमला
इस दौरान शोभायात्रा में भारी भीड़ होने की वजह से किसी को कुछ पता नहीं चल पाया। हादसे में घायल युवक के बड़े भाई को प्रत्यक्षदर्शियों ने फोन पर हादसे की सूचना दी। इसके बाद मृतक के बड़े भाई मनीष ध्रुव ने घटना स्थल पहुंचकर अपने भाई को घायल हालत में रायपुर मार्ग स्थित निजी अस्पताल में लेकर पहुंचा। जहां प्राथमिक उपचार करने के बाद पश्चात युवक को अपने घर ले गए। इलाज के दौरान अस्पताल में मौजूद डॉक्टर ने परिजनों को सोनोग्राफी समेत अन्य जांच करने कहा, लेकिन उन्होंने कोई ध्यान नहीं दिया और युवक को घर लेकर लौट गए।
तबीयत बिगडऩे पर बिलासपुर सिम्स में कराया भर्ती
युवक के पिता ने बताया कि 3 अप्रैल की रात इलाज के बाद 4 और 5 अप्रैल की शाम तक उसके बेटे की तबीयत ठीक थी। 5 तारीख की रात को तबीयत बिगडऩे पर डॉक्टर की लिखी दवाइयां दी ,लेकिन दर्द कम नहीं होने पर 6 अप्रैल सुबह 8 बजे जिला अस्पताल इलाज के लिए लेकर पहुंचे। जहां सोनोग्राफी करने के बाद डॉक्टर ने गंभीर चोट होना बात कर जिला अस्पताल में इलाज संभव नहीं होने के कारण रेफर कर दिया गया।
इलाज के दौरान मौत
इलाज के लिए युवक को बिलासपुर स्थित सिम्स हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। यहां इलाज के दौरान सोमवार रात करीब 10 बजे युवक की मौत हो गई। मंगलवार को पोस्टमार्टम के पश्चात युवक के शव को बेमेतरा वार्ड क्रमांक 16 स्थित निवास लाया गया।
इस प्रकरण में गंभीर पहलू है कि बेमेतरा से लेकर बिलासपुर के इलाज के दौरान परिजनों ने पुलिस को इसकी सूचना नहीं दी। यहां परिजनों ने घटना दिनांक को मृतक का इलाज जिला अस्पताल में न कर कर निजी अस्पताल में कराया।
मृत्यु के पूर्व दर्ज नहीं सका बयान
मृतक के पिता के अनुसार घटना के बाद युवक होश में था, लेकिन वह हमलावर को पहचान नहीं पाया। उसने इतना बताया कि भीड़ में किसी अनजान व्यक्ति ने उसे पर हमला किया है। क्योंकि परिजनों ने समय रहते पुलिस को सूचना नहीं दी और न ही जिला अस्पताल में एमएलसी हुई, इसलिए युवक का मृत्यु पर बयान दर्ज नहीं किया जा सका।
पुलिस को सूचना देने
में लापरवाही
निजी अस्पताल में भी डॉक्टर को सडक़ हादसे में घायल होना बताया। इसके बाद 6 अप्रैल को इलाज के लिए जिला अस्पताल लाने के दौरान भी पुलिस को किसी भी प्रकार की सूचना नहीं दी गई। इस प्रकरण में परिजनों की ओर की घोर लापरवाही सामने आ रही है। स्पष्ट है कि यहां परिजन किसी भी प्रकार के विवाद से बचने के लिए पुलिस को सूचना नहीं दी। युवक की मौत के बाद बेमेतरा पुलिस को घटना की जानकारी मिली।
मर्ग डायरी मिलने के
बाद होगा अपराध दर्ज
सिटी कोतवाली पुलिस ने कहा वर्तमान में मामला मर्ग के तहत है बिलासपुर से मर्ग डायरी मिलने के बाद ही औपचारिक रूप से हत्या का मामला दर्ज किया जाएगा। पुलिस प्रत्यक्षदर्शियों व निजी अस्पताल के रिकॉर्ड को जांच सकती है, जहां शुरू में युवक को ले जाया गया था।


