बेमेतरा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बेमेतरा, 2 दिसंबर। जिला मुख्यालय से विभिन्न शहरों की यात्रा करने वाले यात्रियों ने शिकायत की है कि कई बस संचालक निर्धारित दर से अधिक किराया वसूल रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि परिवहन विभाग की ओर से लंबे समय से नियमित कार्रवाई न होने के कारण स्थिति बनी हुई है।
रायपुर, बिलासपुर, कवर्धा, सिमगा और दुर्ग मार्ग पर चलने वाली बसों को लेकर शिकायतें अधिक दर्ज की जा रही हैं।
यात्रियों के अनुसार, अधिकांश बसों में किराया दर की सूची प्रदर्शित नहीं की जाती। जानकारी के अभाव में यात्री मांग पर किराया चुकाने को बाध्य होते हैं। उन्होंने बताया कि कंडक्टर जिस पर्ची को टिकट के रूप में दे रहे हैं, वह साधारण रेडीमेड पर्ची होती है, जिसमें बस कंपनी का नाम या वसूले गए किराए का स्पष्ट उल्लेख नहीं होता। यात्री बताते हैं कि अधिक किराया लेने पर पूछे जाने पर कंडक्टर खुद को कर्मचारी बताकर बात टाल देते हैं।
यात्री गौतम प्रसाद, रवि कुमार जायसवाल और मनोज कुमार का कहना है कि लग्जरी बसों का किराया साधारण बस से 25 फीसदी से अधिक नहीं होना चाहिए, मगर यहां 50 फीसदी तक अधिक वसूला जा रहा है।
निर्धारित किराया दरों के पालन का सवाल
आदेश के अनुसार साधारण और लक्जरी बसों के लिए अलग-अलग दरें तय हैं। यात्रियों का कहना है कि संचालक इन दरों का पालन नहीं कर रहे। जिला मुख्यालय से प्रतिदिन सौ से अधिक बसें चलती हैं। नेशनल हाईवे 30 और नेशनल हाईवे 130 जिले से होकर गुजरते हैं। यात्रियों के अनुसार, कवर्धा से आने वाली बसें रायपुर मार्ग पर निर्धारित दर से अधिक, लगभग 100 रुपये तक ले रही हैं। इसी मार्ग पर ‘नॉनस्टॉप’ और ‘लग्जरी’ बताकर चलाई जाने वाली बसें 150 रुपये तक किराया ले रही हैं। यात्रियों ने यह भी कहा कि 10 किलोमीटर की यात्रा के लिए साधारण बस का किराया लगभग 14-15 रुपये तय है।
दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिकों को छूट का लाभ न मिलने की शिकायत
अधिसूचना के अनुसार, दोनों आंखों से दिव्यांग, बौद्धिक दिव्यांग, दोनों पैर से दिव्यांग, 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक और एड्स पीडि़त यात्रियों के लिए छूट का प्रावधान है। प्रमाण पत्र दिखाने पर एक यात्री के साथ उसके एक साथी को भी छूट मिलनी चाहिए। शिकायतों के अनुसार संचालक यह छूट नहीं दे रहे।
एक वर्ष पहले हुई कार्रवाई के बाद निगरानी न होने की बात
सिमगा-बिलासपुर मार्ग पर अधिक किराया वसूली की शिकायत पर आरटीओ टीम ने एक वर्ष पहले कार्रवाई की थी।
सूत्रों के अनुसार, उसके बाद अधिक किराया वसूलने वालों पर नियमित निगरानी नहीं की गई, जिससे बस संचालकों को लाभ मिल रहा है।
नई दर सूची बस संचालकों तक नहीं पहुंची-महासंघ
किराया दर से संबंधित शिकायतों पर प्रतिक्रिया देते हुए छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ के जिला अध्यक्ष रामगोपाल साहू ने कहा कि दरों की संशोधित सूची जारी की गई है, लेकिन वह अभी बस संचालकों तक नहीं पहुंची। उन्होंने कहा कि सूची मंगाने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
इस संबंध में आरटीओ अधिकारी अरविंद भगत ने कहा कि नार्मल बस बेमेतरा से रायपुर 100 रुपये और एसी बस संचालक 150 रुपये किराया ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि किराया दरों को लेकर एक बार विश्लेषण किया जाएगा।


