बेमेतरा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बेमेतरा, 9 अक्टूबर। शासकीय प्राथमिक शाला अकोला में पदस्थ प्रधान पाठिका हिमकल्याणी सिन्हा ने निजी व्यय से शाला भवन को प्रिंटरिच वातावरण में बदल दिया है। पूरे स्कूल के दीवारों पर सभी जगह पुताई व चित्रकारी 45 हजार रूपए की लागत से बनाई गई है। प्रिंट समृद्ध एक ऐसा वातावरण जहां बच्चें प्रिंट मुद्रित सामग्री से विभिन्न रूपों में घिरे रहते हैं। उनका मानना है की साफ स्वच्छ वातावरण में ही स्वस्थ बुद्धि का विकास होता है। खेल-खेल में ही बच्चों की शब्दावली बढ़ेगी और पढऩे के लिए प्रेरित होंगे। बच्चों के स्तर के अनुरूप ही दीवारों में चित्र बनाया गया है।
बता दे की हिमकल्याणी सिन्हा 75 प्रतिशत दिव्यांग है जो प्रतिदिन 20 किलोमीटर का सफर तय कर स्कूल पहुंचती हैं। वातावरण सुधारने की चुनौती को स्वीकार 16 अगस्त 2024 को शासकीय प्राथमिक शाला अकोला में प्रधान पाठक के पद पर कार्यभार ग्रहण की और पूरी जिमेदारी के साथ कार्य करने में लीन हो गई।
पहले स्कूल भवन और आज में बहुत फर्क
सिन्हा बताती है कि ज़ब वह स्कूल में पदस्थ हुई तो किसी भी दीवार में क़ोई चित्रकारी नहीं थी, न ही हरियाली थी, दीवार उखड़ा हुआ था, इससे स्कूल में सुनापन महसूस होता था, बाउंड्रीवाल बीच-बीच से टूटा हुआ था। साथ ही ग्रामीणों की बहुत से सामग्री जैसे गिट्टी, मुरुम, रेती, लकड़ी, ईट, पत्थर आदि सभी स्कूल के बाउंड्रीवाल में रखे हुए थे जिसे हटाना बड़ी चुनौती थी। सामग्रियों को हटवाकर उन्होंने बाउंड्रीवाल को पुताई कराकर प्रिंटरिच बवनाई। इससे स्कूल का वातावरण स्वच्छ बन गया। इसमें समुदाय का बढिय़ा सहयोग रहा, ग्रामीण बताते हैं कि शिक्षिका ने एक साल में ही स्कूल का कायाकल्प कर दी। ज़ब से आयी है तब से शाला में निरंतर बच्चों के हित में पूर्ण समर्पित सेवा भाव से कार्य कर रही है।ग्रामीणों ने इनकी नेक कार्यों की भूरि-भूरि प्रशंसा कर रह हैं।
साथ ही ग्रामीणों ने कहा कि इनके नेक कार्यों का अनुसरण कर अन्य लोगों को भी पहल करनी चाहिए।
ये पहल की
अकोला स्कूल में स्वयं के व्यय से विशेष आवश्यकता वाले प्रसाधन कक्ष बनवाएं। स्मार्ट टीवी प्रदान की है, बच्चों को आई कार्ड टाई बेल्ट, वितरण की है। साथ कॉपी पेन आदि निरंतर प्रदान करती है। शिक्षिका अभी तक सैगोना और अकोला स्कूल के भौतिक विकास में योगदान दिया है। वह 2024 में प्रदेश के सर्वोच्च पुरस्कार राज्यपाल पुरस्कार से समानित हो चुकी है।


