बस्तर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जगदलपुर, 15 मई। इंडियन नेशनल कांग्रेस की बस्तर जिला इकाई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयान और देश में बढ़ती महंगाई, पेट्रोल-डीजल एवं गैस संकट को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। संभाग मुख्यालय राजीव भवन जगदलपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता में पूर्व मंत्री मोहन मरकाम ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपील ने ‘देशवासियों के जख्मों पर नमक छिडक़ने’ का काम किया है।
पत्रकारवार्ता में शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य की उपस्थिति में मोहन मरकाम ने कहा कि पिछले दो महीनों से जनता डीजल, पेट्रोल और गैस संकट से जूझ रही है तथा महंगाई की मार झेल रही है। ऐसे समय में प्रधानमंत्री द्वारा लोगों को पेट्रोल-डीजल बचाने, खाद्य तेल कम उपयोग करने, सोना नहीं खरीदने और ‘वर्क फ्रॉम होम’ अपनाने की सलाह देना आम जनता की परेशानियों को नजरअंदाज करना है।
किसानों को उर्वरक संकट से जूझना पड़ रहा
मोहन मरकाम ने आरोप लगाया कि देश में पिछले कई वर्षों से उर्वरकों की कमी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया गया था, लेकिन उर्वरक की कमी और महंगे दामों के कारण किसान कर्जदार हो रहे हैं और उत्पादकता घट रही है। उन्होंने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में 15 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की आवश्यकता है, जबकि अब तक केवल 51 हजार मीट्रिक टन ही सोसायटियों तक पहुंच पाया है।
महंगाई पर केंद्र सरकार को घेरा
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के कार्यकाल में आवश्यक वस्तुओं के दाम बेतहाशा बढ़े हैं। प्रेस वार्ता में आटा, चावल, दूध, दाल, खाद्य तेल, गैस सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल सहित कई आवश्यक वस्तुओं की 2013 और 2026 की कीमतों की तुलना प्रस्तुत करते हुए कहा गया कि आम आदमी की रसोई का बजट पूरी तरह बिगड़ चुका है।
मोहन मरकाम ने कहा कि पेट्रोल-डीजल पर भारी कर लगाकर केंद्र सरकार ने जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कम होने के बावजूद देश में ईंधन महंगा बेचा जा रहा है।
विदेश यात्राओं और सरकारी खर्च पर सवाल
पूर्व मंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी की विदेश यात्राओं और सरकारी खर्चों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री स्वयं विदेश यात्राओं पर करोड़ों रुपये खर्च कर रहे हैं, जबकि जनता को खर्च कम करने की सलाह दी जा रही है।
भाजपा नेताओं को पहले पालन करने की सलाह
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री डीजल-पेट्रोल बचाने की अपील कर रहे हैं तो सबसे पहले भाजपा नेताओं, मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों को इसका पालन करना चाहिए। उन्होंने सरकारी काफिलों में कटौती की भी मांग की।
केंद्र सरकार को बताया विफल
पत्रवार्ता में कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार महंगाई, बेरोजगारी और ईंधन संकट को नियंत्रित करने में विफल रही है।
उन्होंने कहा कि आम आदमी की आय और बचत घट रही है तथा परिवारों को घर चलाने के लिए कर्ज लेना पड़ रहा है।
इस दौरान पूर्व विधायक रखचंद जैन, ग्रामीण अध्यक्ष प्रेमशंकर शुक्ला, नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी, महिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष लता निषाद, चम्पा ठाकुर, रविशंकर तिवारी, बलराम यादव, मन्नू सेन, जावेद खान, प्रशांत जैन, महेश ठाकुर, सलीम जाफर अली और मोहसिन खान सहित अन्य कांग्रेस पदाधिकारी मौजूद रहे।


