बस्तर
100 फीसदी ब्याज माफी की घोषणा केवल कागजों तक सीमित-आरोप
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जगदलपुर, 21 अप्रैल। नगर निगम जगदलपुर में जलकर बकाया पर ब्याज माफी को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी ने महापौर पर आरोप लगाते हुए कहा है कि 100 प्रतिशत ब्याज माफी की घोषणा केवल कागजों तक सीमित है और अब तक इसे लागू करने का कोई ठोस आदेश जारी नहीं किया गया है।
चौधरी के अनुसार महापौर द्वारा नगरवासियों को राहत देने के लिए जलकर के बकायेदारों को 30 अप्रैल 2026 तक ब्याज माफी का लाभ देने की घोषणा की गई थी। लेकिन जब हितग्राही राशि जमा करने निगम कार्यालय पहुंच रहे हैं, तो कर्मचारियों का कहना है कि इस संबंध में कोई आधिकारिक आदेश अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है। इससे आम नागरिकों में भ्रम और असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि इस प्रकार की वित्तीय छूट के लिए महापौर परिषद और सामान्य सभा से प्रस्ताव पारित होना आवश्यक है, जो अब तक नहीं हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि महापौर की घोषणाएं लगातार जुमलों में बदल रही हैं और जमीनी स्तर पर कोई कार्य नहीं हो रहा।
कर्मचारियों और अधिकारियों के हवाले से चौधरी ने कहा कि फिलहाल केवल मूल राशि की रसीद दी जा रही है, जबकि ब्याज की राशि खाते में लंबित दिखाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आदेश जारी होने के बाद ही ब्याज माफ किया जा सकेगा।
विपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि जब निगम द्वारा दरों में वृद्धि की जाती है, जैसे टैंकर पानी के दाम बढ़ाना, तो उसे तुरंत लागू कर दिया जाता है। लेकिन जब जनता को राहत देने की बात आती है, तो प्रशासनिक प्रक्रिया का हवाला देकर देरी की जाती है।
राजेश चौधरी ने महापौर से मांग की है कि ब्याज माफी की अंतिम तिथि 30 अप्रैल से बढ़ाकर 30 जुलाई 2026 की जाए और तत्काल प्रभाव से आदेश लागू किया जाए। अन्यथा, उन्होंने महापौर और उनकी टीम से जनता से माफी मांगने की बात कही।
इस मुद्दे को लेकर भारतीय जनता पार्टी की नीतियों और कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। फिलहाल, नगर निगम प्रशासन की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


