बलरामपुर
7 दिन में कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजपुर,13 अप्रैल। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई)छत्तीसगढ़ के नेतृत्व में निजी विद्यालयों द्वारा की जा रही कथित आर्थिक अनियमितताओं और अभिभावकों के शोषण के विरोध में विकासखंड शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया।
संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष आदित्य जायसवाल (विभु) के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में निजी स्कूलों द्वारा हर वर्ष वसूले जा रहे अवैध री-एडमिशन शुल्क पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई। साथ ही, विद्यालयों द्वारा अभिभावकों पर ड्रेस, किताबें एवं अन्य शिक्षण सामग्री स्कूल के निर्धारित काउंटरों से ऊंचे दामों पर खरीदने के लिए बनाए जा रहे दबाव का भी कड़ा विरोध किया गया।
आदित्य जायसवाल ने कहा कि निजी विद्यालय शिक्षा को व्यापार का रूप दे चुके हैं। बाजार से कई गुना अधिक कीमत पर सामग्री बेचना और हर साल प्रवेश शुल्क के नाम पर वसूली करना शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित कर रहा है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है और वे बच्चों की पढ़ाई जारी रखने में असमर्थ महसूस कर रहे हैं।
एनएसयूआई पदाधिकारियों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 7 दिनों के भीतर इन समस्याओं पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई और अभिभावकों को राहत नहीं मिली, तो संगठन जिला स्तर पर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
इस दौरान सूर्यकांत (जिला महासचिव), पंकज ठाकुर (जिला उपाध्यक्ष), विशाल, चंद्रप्रकाश, उत्कर्ष, अस्मित, सुरेंद्र, रंजीत सहित अन्य छात्र नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


