बलरामपुर
राजपुर, 18 फरवरी। राजपुर ब्लॉक में हाई इम्पैक्ट मेगा वाटरशेड प्रोग्राम 2.0 के तहत आजीविका संवर्धन गतिविधियां तेजी से प्रगति पर हैं। कार्यक्रम के अंतर्गत स्व-सहायता समूह (एसएचजी) की दीदियों को सक्रिय रूप से प्रशिक्षण एवं सहयोग प्रदान किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ शासन, एक्सिस बैंक, भारत रूरल लाइवलीहुड फाउंडेशन (बीआरएलएफ) एवं इंडियन ग्रामीण सर्विसेज (आईजीएस) के संयुक्त सहयोग से संचालित किया जा रहा है। राजपुर ब्लॉक की 48 ग्राम पंचायतों में इसका क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से लगभग 8,000 ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
कार्यक्रम के तहत स्व-सहायता समूह की महिलाओं को उन्नत खेती तकनीक, सब्जी उत्पादन, जैविक खेती सहित आजीविका संवर्धन से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही दीदियों को सब्जी बीज, स्प्रे टैंक, वर्मी बेड जैसी आवश्यक सामग्रियों का सहयोग भी प्रदान किया जा रहा है, ताकि वे कृषि उत्पादकता बढ़ाकर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकें।
इस पहल से ग्रामीण महिलाओं में आत्मविश्वास और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिल रहा है। कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में सतत आजीविका के नए अवसर विकसित हो रहे हैं, जो ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।


