बलरामपुर
बच्चों ने नृत्य-नाटक से दी श्रद्धांजलि
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलरामपुर, 4 जनवरी। रामानुजगंज नगर में महान समाज सुधारक एवं नारी शिक्षा की अग्रदूत सावित्रीबाई फुले की 195वीं जयंती शनिवार को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। यह आयोजन माली मालाकार कल्याण संघर्ष मोर्चा इंडिया फाउंडेशन के तत्वावधान में आमंत्रण धर्मशाला परिसर में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षा, सामाजिक जागरूकता एवं सेवा भावना को बढ़ावा देना रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एसडीओपी रामानुजगंज बाजीलाल सिंह रहे। विशिष्ट अतिथियों में सहायक खंड शिक्षा अधिकारी अनिल तिवारी, ओमप्रकाश गुप्ता, सुरेंद्र मालाकार, राजेंद्र मालाकार (जिला पलामू), रंजीत मालाकार, अवधेश मालाकार (जिला गढ़वा) तथा सर्व रवि समाज के जिला अध्यक्ष सत्य प्रकाश रवि शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत सावित्रीबाई फुले के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पण के साथ की गई। इसके पश्चात बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। न्यू स्मार्ट पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा शिक्षा जागरूकता पर आधारित नृत्य एवं नाटक प्रस्तुत कर समाज को शिक्षा के महत्व का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर 84 जरूरतमंद छात्र-छात्राओं को गर्म कपड़े वितरित किए गए। मुख्य अतिथि बाजीलाल सिंह ने स्वयं बच्चों को गर्म कपड़े पहनाकर उनका उत्साहवर्धन किया।
समाज एवं शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले सेवानिवृत्त शिक्षकों लाल बिहारी चौबे, लक्ष्मण ठाकुर, शिवकुमार यादव, अनिरुद्ध दास, वेद प्रकाश केसरी, प्रहलाद सोनी, लालमन सोनी तथा शिक्षिका शीला गुप्ता को शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट कार्य के लिए शिक्षिका बिंदी सिंह एवं अन्य निजी विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाओं को भी सम्मान प्रदान किया गया।
इसके साथ ही उपस्थित पत्रकारों को परंपरागत रूप से डायरी एवं कलम भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का मंच संचालन शिक्षक लक्ष्मी सोनी एवं मंटू ठाकुर ने किया। कार्यक्रम का सफल संचालन प्रकाश मालाकार के नेतृत्व में हुआ, जिसमें सर्व रवि दास समाज जनकल्याण, ब्लॉक रामानुजगंज का पूर्ण सहयोग रहा। विनोद भगत, सतीश मालाकार, राजेंद्र मालाकार, सुरेंद्र मालाकार, रंजीत मालाकार, पिंटू मालाकार, देव शंकर मालाकार, संजय गुप्ता, शीला मालाकार, मीना गुप्ता एवं विक्रांत मालाकार सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के माध्यम से सावित्रीबाई फुले के शिक्षा, समानता एवं सामाजिक न्याय के विचारों को अपनाने का संदेश समाज को दिया गया।


