बलौदा बाजार

पेट्रोल डीजल का 5 दिन का रिजर्वेशन स्टॉक
15-May-2026 4:08 PM
पेट्रोल डीजल का 5 दिन का रिजर्वेशन स्टॉक

 कलेक्टर बोले पैनिक न हो लोग

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बलौदाबाजार, 15 मई।  जिले में पेट्रोल डीजल खत्म होने की चर्चा के बीच अफरातफरी का माहौल हैं। पैनिक वाले इस माहौल में लोग अपनी गाडिय़ों की टंकी फुल करने के लिए पंपों पर टूटे पड़े इससे ईंधन की सामान्य खपत में अचानक 25 प्रतिशत का उछाला गया हैं। इस बीच प्रशासन ने व्यवस्था को काबू में करने के लिए कदम उठाए हैं और जरी केन या दूसरे किसी भी डिब्बे में डीजल-पेट्रोल देने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया हैं।

हालत को देखते हुए जिले में एक तरफ से ईधन रासायनिक का दौर शुरू हो गया हैं। कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा कि जिले में ईंधन की कोई कमी नहीं हैं। लोग अफवाहों पर ध्यान ना दें। उन्होंने बताया कि जिले के 147 पेट्रोल पंपों में लगभग 5 दिन का रिजर्व स्टॉक हमेशा उपलब्ध रहता हैं। जो कंपनियों की गाडिय़ां भी प्रतिदिन डिपो से पहुंच रही हैं। प्रशासन का कहना है कि यह संकट केवल लोगों के मन में पैदा हुए डर और जरूरत से ज्यादा तेल भरवाने की होड़ की वजह से दिख रहा हैं। कलेक्टर ने लोगों से धैर्य बनाए रखने और आवश्यक जमाखोरी से बचने की अपील की हैं। फिलहाल जिले में प्रशासन स्थिति को सामान्य बताने की कोशिश में जुटा हुआ है, लेकिन जब तक लोगों के बीच से डर खत्म नहीं होता तब तक पंपों पर कतारें कम होती नहीं दिख रही हैं।

पंपों पर बढ़ती भीड़ और स्टाफ को संतुलित रखने के लिए कई संचालकों ने अब ईंधन वितरण की लिमिट तय कर दी हैं। नई व्यवस्था के तहत अब कई इलाकों में बाइक सवारों को केवल 200 तक ही पेट्रोल दिया जा रहा हैं। जबकि चार पहिया गाडिय़ों  के लिए 1000 की लिमिट तय की गई हैं। इसके अलावा बड़े वाहनों को भी सीमित मात्रा में ही डीजल उपलब्ध कराया जा रहा हैं, ताकि सभी को समान रूप से इंधन मिल सकें।

जिले में रोजाना 1.27 लाख लीटर पेट्रोल की खपत

खाद अधिकारी पुनीत वर्मा पुनीत कुमार वर्मा ने बताया कि सामान्य दिनों में जिले में रोजाना करीब 2.79 लाख लीटर डीजल और 1.27 लाख लीटर पेट्रोल की खपत होती हैं। लेकिन पैनिक सिचुएशन की वजह से लोग अपनी क्षमता से ज्यादा ईंधन खरीद रहे हैं। इससे सप्लाई चैन पर दबाव बढ़ रहा हैं। जहां शहर के प्रमुख पंपों पर आधे किलोमीटर लंबी लाइन लाइन लग लग रही हैं। वहीं ग्रामीण इलाकों में भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई हैं।

वटगन, खरतोरा, कुसमी जैसे 6 पेट्रोल पंप पूरी तरह ड्राई हैं। प्रशासन का कहना है कि इसकी वजह संचालकों द्वारा समय पर पेमेंट ना देना हैं। दूसरी तरफ संचालकों का आरोप है कि आयल कंपनियां टैकरों की सप्लाई में देरी कर रही है इससे यह संकट पैदा हुआ है

ईंधन खेती के सीजन में किसानों की बड़ी परेशानी

जेरीकेन में डीजल पर बैन लगने से किसान परेशान है क्योंकि इस मौसम में जुताई के लिए उन्हें ट्रैक्टरों के लिए डीजल की जरूरत हैं। प्रशासन के नए निर्देश दिए हैं कि किसानों को जरूरत के अनुसार तेल दें लेकिन इसके लिए उन्हें वाहन के दस्तावेज और जानकारी दर्ज करानी होगी। साथ ही कलेक्टर ने सभी पंपों पर 24 घंटे कैमरे सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं ताकि कालाबाजारी करने वालों पर नकेल कसी जा सके


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