बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 7 मई। श्री सीमेंट संयंत्र से प्रभावित कुछ किसानों ने भूमि मुआवजा और पुनर्वास से जुड़े मामलों को लेकर प्रशासन से शिकायत की है। किसानों का कहना है कि संयंत्र स्थापना के दौरान उनकी जमीन का एग्रीमेंट किया गया था, लेकिन उन्हें अब तक पूर्ण मुआवजा और पुनर्वास संबंधी लाभ नहीं मिल पाए हैं।
प्रभावित किसानों के अनुसार, संयंत्र स्थापना के समय आसपास के गांवों, विशेषकर आदिवासी किसानों की भूमि का अनुबंध किया गया था। किसानों का दावा है कि प्रारंभिक स्तर पर कुछ राशि दी गई, लेकिन बाद में शेष मुआवजा और पुनर्वास की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई।
किसानों ने बताया कि चंडी, करही, खपराडीह, सेमराडीह और भारवाडीह गांवों के कई परिवार इस समस्या से प्रभावित हैं। उनका कहना है कि जमीन से जुड़े मामलों के कारण वे कृषि कार्य, भूमि विक्रय या अन्य आर्थिक गतिविधियों में कठिनाई का सामना कर रहे हैं।
प्रभावित किसानों लोकनाथ ध्रुव, दिलीप ध्रुव, प्रहलाद ध्रुव, नंद ध्रुव, जोहनलाल गोड, परसराम ध्रुव, लक्ष्मीनाथ ध्रुव, राम नारायण ध्रुव, दौलत ध्रुव, फिरंता ध्रुव और विनोद ध्रुव ने आरोप लगाया कि उनकी भूमि का उपयोग किए जाने के बावजूद उन्हें लंबित भुगतान नहीं मिला है। हालांकि, इन आरोपों पर कंपनी प्रबंधन की ओर से तत्काल प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।
इस संबंध में अनुविभागीय अधिकारी अतुल शेडे ने बताया कि किसानों की ओर से आवेदन प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने मामले में श्री सीमेंट प्रबंधन को नोटिस जारी किया है तथा किसानों और कंपनी प्रबंधन के साथ चर्चा कर समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि मुआवजा राशि नहीं मिलने एवं कर्ज के बोझ तले दबकर तनाव में आकर ग्राम चंडी के ही गजानंद ध्रुव ने एक वर्ष पूर्व फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। हालांकि, आत्महत्या के कारणों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और इसे सीधे मुआवजा विवाद से जोडऩे संबंधी आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।


