बलौदा बाजार
महिला यात्री बच्चों के लिए प्रतीक्षालय तक नहीं है...
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 1 जून। बलौदाबाजार के बस स्टैंड की वर्तमान हालत प्रदेश के अन्य किसी ग्रामीण इलाके के बस स्टैंड से भी गई गुजरी हैं। कहने को तो बस स्टैंड जिले का सबसे बड़ा बस स्टैंड कहलाता है, मगर अफसोस व्यवस्था ऐसी कि यहां बस के इंतजार में यात्रियों की हालत कैसी होती है यह वही जानता हैं। बस स्टैंड में यात्रियों की सुविधा के लिए ना तो कोई शेड है और ना ही पीने के पानी की इंतजाम मजबूरी में यात्री धूप से बचने किसी दुकान में डेल शेड की सहारा लेते हैं और प्यास लगने पर बोतल बंद पीने का पानी खरीदने को मजबूर हैं।
नगर पालिका द्वारा कुछ दिनों पूर्व एक अस्थायी प्याऊ का इंतजाम किया गया है जिसे असामाजिक तत्व खराब कर देते हैं। नतीजा यात्री यहां का पानी पीने से कतराते हैं। बलौदाबाजार में आवागमन का एकमात्र साधन सडक़ मार्ग है बावजूद इसके बस स्टैंड के रखरखाव और यात्रियों की सुविधाओं के लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा किसी प्रकार का ध्यान नहीं दिया जाता। परेशान यात्रियों को तपती दोपहरी में बेवजह छोटे-छोटे बच्चों को लेकर हलकान होना पड़ रहा हैं।
विदित हो बलौदाबाजार जिला मुख्यालय से प्रतिदिन रायपुर बिलासपुर, कसडोल, सरसीवा, भाटापारा और सुहेला, तिल्दा इलाकों के लिए सुबह 6 से रात्रि 8 तक लगभग 150 बसे मिनी बस तथा दो दर्जनों से अधिक टैक्सियां चलती हैं। इन वाहनों से प्रतिदिन 3 से 4 हजार लोग जिला मुख्यालय से अलग हजारों क्षेत्रों के लिए प्रतिदिन यात्रा करते हैं।
भीषण गर्मी में यात्रियों को तपती बस तथा टैक्सियों में यात्रा करने में जितनी तकलीफ का सामना करना पड़ता है उससे अधिक परेशानी लोगों को नगर के बस स्टैंड में बसों का इंतजार में उठानी पड़ती हैं। भीषण गर्मी में यात्रियों को तेज धूप तथा लू में बसों का इंतजार करते खड़े रहना पड़ता हैं।
नगर के हृदय स्थल पर होने के बावजूद बस स्टैंड का यात्री प्रतीक्षालय राज्य परिवहन निगम के समय बेहद साफ सुथरा रहता था, जहां बैठकर यात्री बसों का इंतजार करते थे परंतु राज्य परिवहन निगम भंग होते ही प्रतीक्षालय भी उपेक्षित हो गया। वर्तमान में ध्यान न दिए जाने की वजह से प्रतीक्षालय भी बेहद गंदा हो गया हैं। बस स्टैंड में अन्य कहीं विश्राम स्थल पर होने की वजह से तपती धूप में यात्रियों को आसपास की दुकानों के शेड नीचे खड़े होकर बस का इंतजार करना पढ़ रहा हैं। बस स्टैंड में बस की प्रतीक्षा कर रही महिलाओं ने बताया कि भीषण गर्मी में बस स्टैंड में रुकने की व्यवस्था नहीं होने से बेहद परेशानी होती हैं। भीषण गर्मी और लू की वजह से छोटे-छोटे बच्चे बेहाल हो जाते हैं। महिला यात्रियों ने बताया कि बलौदाबाजार बस स्टैंड में यदि प्रतीक्षालय रहता तो यात्री आराम से शेड नीचे पंखे की हवा में बसों का इंतजार कर सकते हैं। परंतु प्रतीक्षालय ना होने से छोटे-छोटे बच्चों को लेकर भोजनालय, होटल दुकानों के शेड नीचे मजबूरी में खड़ा होना पड़ता हैं।
पेयजल का स्थाई प्रबंध नहीं
जिले में भीषण गर्मी को देखते हुए कुछ दिन पूर्व कलेक्टर ने सभी नगरीय निकायों में सार्वजनिक स्थलों में पीने की पानी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। इसमें बस स्टैंड जैसे चौक चौराहे भी शामिल है, परंतु जिम्मेदार अधिकारी हैं जिन्हें ना तो कलेक्टर के निर्देशों की परवाह है और न ही भीषण गर्मी में हलाकान होते यात्रियों की चिंता हैं। इसके चलते बस स्टैंड में यात्री महज पेयजल के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। रविवार को नगर के साथ ही बस स्टैंड की भी अधिकांश दुकानों के बंद होने की वजह से यात्रियों का बुरा हाल होता हैं।
प्याऊ का इंतजाम कराया है
बस स्टैंड में नगर पालिका द्वारा प्याऊ का इंतजाम कराया गया है, जिसे दोनों समय भरा जाता हैं। हाईटेक बस स्टैंड के लिए भी तीन चार स्थलों का चयन कर शासन स्तर पर भेजा गया हैं।
आशीष तिवारी सीएमओ बलौदाबाजार


