बलौदा बाजार
जल संकट गहराया, बारिश का पानी सहेजे तो मिले राहत
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 25 अप्रैल। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में जल स्तर में गिरावट दर्ज की जा रही है। भूजल सर्वेक्षण से संबंधित जानकारी के अनुसार, भूजल स्तर में प्रतिवर्ष लगभग 70 सेंटीमीटर तक कमी आ रही है। कई गांवों में जल उपलब्धता प्रभावित हुई है और कुछ स्थानों को डार्क जोन की श्रेणी में रखा गया है।
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, जिले में लगभग 10 प्रतिशत सरकारी और निजी भवनों में ही रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित है। शेष भवनों में यह व्यवस्था नहीं है, जिससे वर्षा जल के संरक्षण की संभावनाएं सीमित हो रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, भूजल के अत्यधिक उपयोग और औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार से जल स्तर पर प्रभाव पड़ा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, जिले में भूजल दोहन का स्तर 88.70 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। स्थानीय स्तर पर पारंपरिक जल स्रोतों जैसे तालाबों के रखरखाव और उपयोग से संबंधित चुनौतियां भी सामने आई हैं। कुछ स्थानों पर इन स्रोतों के उपयोग में कमी या अन्य कारणों से वर्षा जल का संचयन प्रभावित हो रहा है।
कृषि क्षेत्र में रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता पर प्रभाव पडऩे की बात भी सामने आई है। विशेषज्ञों के अनुसार, इससे दीर्घकाल में कृषि उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
प्रो. एस.एस. पाध्ये (भूजल विशेषज्ञ) के अनुसार, अधिक जल उपयोग वाली फसलों पर निर्भरता कम कर वैकल्पिक फसलों को अपनाने से जल प्रबंधन में सुधार संभव है। उन्होंने कहा कि पानी के उपयोग के प्रति जागरूकता और समुचित योजना आवश्यक है।


