बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 13 अप्रैल। शिक्षा के अधिकार आरटीई के तहत निजी स्कूलों में इस वर्ष प्रवेश की तस्वीर पिछले साल की तुलना में कुछ अलग नजर आ रही हैं। दस्तावेज जांच और छंटनी की प्रक्रिया के बाद अब 611 सीटों के लिए कल 1377 बच्चे पात्र बचे हैं। हालांकि आंकड़ों में यह अंतर अधिक नहीं दिखता लेकिन वास्तविक प्रतिस्पर्धा शहर के चुनिंदा और प्रतिष्ठित स्कूलों के बीच केंद्रित हैं। जहां सीमित सीटों पर बड़ी संख्या में दावेदार आमने-सामने हैं।
शुरुआती चरण में कुल 1790 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिससे भारी भीड़ की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन दस्तावेज जांच के दौरान 332 आवेदन निरस्त कर दिए गए इनमें 73 आवेदन अपूर्ण पाए गए, जिनमें आवश्यक दस्तावेजों की कमी गलत जानकारी या अधूरी प्रविष्टियां शामिल थी।
वहीं आठ आवेदन डुप्लीकेट पाए गए, जिसमें एक ही अभ्यर्थी द्वारा अलग-अलग जानकारी के साथ एक से अधिक आवेदन किए गए थे। इस छंटनी के बाद अब मुकाबला 1377 पत्र बच्चों तक सीमित हो गया हैं। इस वर्ष आरटीआई के तहत सीटों में भारी कमी भी चर्चा का विषय बनी हुई हैं। पिछले वर्ष जहां 2134 बच्चों को प्रवेश मिला था, वही इस बार केवल 611 सिम ही उपलब्ध हैं। इसका प्रमुख कारण है कि अब सीधे कक्षा पहली में प्रवेश दिए जाने के चलते केजी 2 के बच्चों को पहले ही कक्षा पहली में पदोन्नत कर दिया गया हैं, जिससे कुल 1523 सीटों की कमी आई हैं। इस बदलाव को लेकर कुछ अभिभावकों में असंतोष भी देखा जा रहा हैं।
13 से 19 के बीच निकलेगी लॉटरी
अब सभी की नजर 13 से 19 अप्रैल के बीच आयोजित होने वाली ऑनलाइन लॉटरी प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं। इसी प्रक्रिया के माध्यम से बच्चों को स्कूल आवंटित किए जाएंगे। चयनित बच्चों को एक मई से 30 मई के बीच संबंध स्कूल में प्रवेश लेना होगा। यदि इसके बाद भी सीटें खाली रहती है तो दूसरे चरण की प्रक्रिया 8 जून से 20 जून तक संचालित की जाएगी।
हालत ऐसी एक सीट के लिए
10 से अधिक दावेदार
हालांकि कुल दस्तावेजों की संख्या कम हुई हैं, लेकिन शहर के नामी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में प्रवेश के लिए प्रतिस्पर्धा बेहद कड़ी बनी हुई हैं। वर्तमान विद्यापीठ अंग्रेजी माध्यम स्कूल में मात्र 16 सीटों के लिए 164 बच्चों ने पहली पसंद दर्ज कराई हैं। यानी एक सीट के लिए 10 से अधिक दावेदार हैं। इसी तहत एक्स्ट्राऑर्डिनरी और पाठशाला अंग्रेजी माध्यम स्कूल जैसे स्कूलों में भी अभिभावकों की पहली प्राथमिकता स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही हैं। इसके विपरीत कुछ स्कूल ऐसे भी है जहां अभिभावकों की रुचि बेहद कम रही हैं। कई स्कूलों में एक ही आवेदन नहीं मिला जबकि कुल स्थान पर दो सीटों के लिए केवल एक दावेदार सामने आया हैं। इससे स्पष्ट होता है कि अभिभावक अपने बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण और प्रतिष्ठित स्कूलों को ही प्राथमिकता दे रहे हैं।
सत्यापन करने के लिए बढ़ाई जा रही है तिथि डीईओ
जिला शिक्षा अधिकारी संजय गुहे ने बताया कि आरटीई प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शित तरीके से संचालित की जा रही हैं। आवेदन की अंतिम तिथि समाप्त हो चुकी हैं और अब दस्तावेज सत्यापन अंतिम चरण में हैं। आवश्यकता पडऩे पर सत्यापन अवधि बढ़ाई जा सकती हैं ताकि सभी पात्र आवेदनों की ठीक से जांच की जा सके। उन्होंने अभिभावकों से निर्धारित समय सीमा का पालन करने की अपील की हैं।


