बलौदा बाजार
नए शैक्षणिक सत्र से पहले निजी स्कूलों के लिए निर्देश जारी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 3 अप्रैल। नए शैक्षणिक सत्र से पहले शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों के लिए निर्देश जारी किए हैं। शुल्क निर्धारण, पुस्तकों के उपयोग और अन्य वसूली से संबंधित नियम निर्धारित किए गए हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी संजय गुहे ने सभी निजी स्कूलों को पत्र जारी कर कहा है कि फीस और अन्य शुल्क स्कूल प्रबंधन समिति द्वारा तय किए जाएं तथा कलेक्टर और डीईओ से अनुमोदन कराना अनिवार्य होगा। फीस सूची को सूचना पटल पर प्रदर्शित करना और कार्यालय में प्रस्तुत करना भी आवश्यक है।
निर्देशों के अनुसार, सीबीएसई और राज्य बोर्ड के स्कूलों में केवल एनसीईआरटी और एससीईआरटी की पुस्तकों से पढ़ाई कराई जाएगी। विद्यालयों में शौचालय, स्वच्छ पेयजल, खेल मैदान, अग्निशमन यंत्र और सीसीटीवी कैमरे जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराना अनिवार्य किया गया है। साथ ही स्कूल बस चालकों का पुलिस सत्यापन, सुरक्षा व्यवस्था, नशा मुक्ति अभियान, महिला उत्पीडऩ रोकथाम अधिनियम 2013 के तहत समिति गठन और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।
नियमों के अनुसार प्रवेश के समय कैपिटेशन फीस पर रोक है। केवल शिक्षक, विज्ञान, क्रीड़ा, परीक्षा, पुस्तकालय, क्रियाकलाप, कॉपी-गाइड, बस किराया, निधि, शाला विकास, स्वास्थ्य बीमा और बागवानी शुल्क लेने की अनुमति है। इसके अतिरिक्त अन्य किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जा सकेगा। कंप्यूटर शुल्क, बिजली-पानी शुल्क, स्मार्ट क्लास, वार्षिकोत्सव और नए सत्र शुल्क जैसे मदों को अवैध बताया गया है। उल्लंघन की स्थिति में मान्यता समाप्त करने की कार्रवाई की जा सकती है।
निजी स्कूलों द्वारा अतिरिक्त पुस्तकों, ड्रेस, जूते, बैग और अन्य सामग्री के संबंध में भी निर्देश जारी किए गए हैं। विभाग के अनुसार, शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा विभाग ने बताया कि कई मामलों में अभिभावकों द्वारा शिकायत दर्ज नहीं कराई जाती, जिससे कार्रवाई प्रभावित होती है। जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और सभी निजी स्कूलों को निर्देशों का पालन करना होगा।


