बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
भाटापारा, 25 फरवरी। छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंगलवार को वित्त मंत्री द्वारा पेश किये गये बजट से क्षेत्र के लोगों में ना केवल निराशा है बल्कि हर वर्ग के लोगों को हतोत्साहित करने वाला नीरस बजट है,उक्त बाते विधायक इन्द्र साव ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कही।
उन्होंने अपनी बजट प्रतिक्रिया में कहा कि प्रदेश सरकार के वित्त मंत्री द्वारा अपने लगातार तीसरे बजट से यह उम्मीद थी कि ऐसा बजट पेश करेंगे कि प्रदेश को एक नई दिशा मिलेगी और विकास का मार्ग प्रशस्त होगा परन्तु बजट से निराशा हुई। यह बजट कृषि के क्षेत्र में कार्य करने वाले कृषकों के सपनों को भी चकनाचूर कर दिया।
ग्रामीण क्षेत्र के शिक्षित बेरोजगारों के लिए बजट में रोजगार की कोई बात नहीं कही गई। यहाँ तक कि महतारी वंदन योजना के लाभ से वंचित महिलाओं को फिर इस बार निराश किया गया। इस योजना से वंचित महिलाओं के नाम को पुन: जोडऩे जैसी घोषणा नहीं हुई। श्री साव ने कहा कि इस बजट में भाटापारा विधान सभा क्षेत्र के विकास और उसे सजाने संवारने के लिए कोई महत्वपूर्ण घोषणा न होना क्षेत्र की जनता के हितों की अनदेखी है।
क्षेत्र के छात्रों को भी इस बार फिर निराशा हाथ लगी है,उनकी उम्मीदों और उनके सपनों को इस बजट ने ना केवल निराश किया बल्कि उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में और पीछे धकेल कर अन्य नगरों कस्बों की ओर जाने बाध्य कर दिया।
57 हज़ार शिक्षकों के रिक्त पदों के लिए बजट में मात्र पाँच हजार भर्ती का उल्लेख ऊँट के मुँह में जीरा के समान है। अवैध शराब एवं अन्य नशीली पदार्थों पर अंकुश लगाने के लिए कोई प्रावधान नही किया गया है। इस बजट में भी लोक सेवकों के भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए कोई बात नही की गई है। उन्होंने कहा कि सरकारी दफ्तरों को चलाने के लिए स्थापना बजट का भी कोई प्रावधान नहीं किया गया है,जिससे सरकार की कथनी और करनी को उजागर करता है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बने उप जेल के लिए जेल कालोनी बनाए जाने, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय और अपर कलेक्टर कार्यालय चलाने के लिए अब तक स्टाफ भी स्वीकृत नहीं किया गया और ना ही स्थापना व्यय राशि का प्रावधान किया गया है। डबल इंजन की सरकार का ढोंग आज क्षेत्र की जनता को दिख गया और समझ आ गया कि भाजपा की कथनी और करनी में इतना अंतर है कि भाटापारा का विकास करना नहीं चाहते।
उन्होंने कहा कि चिकित्सा सेवा में जाने वाले विद्यार्थियों के लिए भी यह बजट बेमानी वाला साबित हुआ, मेडिकल की पढ़ाई करने मेडिकल कॉलेज खोलने की मांग यहां अनवरत छात्र गण और उनके परिजन कर रहे है लेकिन इस बार फिर मेडिकल कॉलेज की घोषणा ना होने से छात्रों को मायूस होना पड़ा है।


