बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 19 फरवरी। बलौदाबाजार-भाटापार जिले में अवैध रेत उत्खनन को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। थाना लवन में पदस्थ निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह के तबादले के आदेश के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कार्यालय पुलिस अधीक्षक, बलौदाबाजार द्वारा 16 फरवरी को जारी आदेश के तहत तीन निरीक्षकों का तबादला किया गया है। आदेश में इसे प्रशासनिक दृष्टिकोण से लिया गया निर्णय बताया गया है।
जारी आदेश के अनुसार निरीक्षक शशांक सिंह ठाकुर को सुहेला से प्रभारी थाना लवन पदस्थ किया गया है। निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह को लवन से प्रभारी थाना राजदेवरी भेजा गया है। निरीक्षक धीरेंद्र नाथ दुबे को राजदेवरी से प्रभारी थाना सुहेला पदस्थ किया गया है।
अवैध रेत परिवहन पर हालिया कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, लवन क्षेत्र में हाल ही में अवैध एवं ओवरलोड रेत परिवहन के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने पुष्टि की कि सूचना मिलने पर थाना प्रभारी द्वारा रेड कार्रवाई की गई, जिसमें कुछ हाइवा एवं ट्रैक्टर मौके पर पाए गए। वाहनों को थाना लाकर आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है।
हालांकि विभाग की ओर से कार्रवाई का विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है। इसी पृष्ठभूमि में तबादले को लेकर चर्चाएं हो रही हैं।
महानदी क्षेत्र में अवैध उत्खनन पर आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि महानदी क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रेत उत्खनन और ओवरलोड परिवहन की शिकायतें मिलती रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अनियंत्रित खनन से नदी के प्रवाह, जलस्तर और आसपास के क्षेत्रों में कटाव जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं।
प्रशासनिक बनाम राजनीतिक दृष्टिकोण
तबादला आदेश को जहां प्रशासन सामान्य प्रक्रिया बता रहा है, वहीं कुछ स्थानीय लोगों और राजनीतिक हलकों में इसे हालिया कार्रवाई से जोडक़र देखा जा रहा है। इससे पहले भी जिले में अवैध खनन के मामलों को लेकर अधिकारियों के तबादले चर्चा का विषय बन चुके हैं।
व्यापक असर
अवैध रेत उत्खनन का मुद्दा केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका संबंध पर्यावरण संरक्षण, राजस्व हानि और स्थानीय आजीविका से भी जुड़ा है। ऐसे में प्रशासनिक कार्रवाई और पारदर्शिता को लेकर नागरिकों की अपेक्षाएं बढ़ी हैं। फिलहाल प्रशासन की ओर से तबादले को नियमित प्रक्रिया बताया गया है। आगे की कार्रवाई और जांच से स्थिति और स्पष्ट होने की संभावना है।


