बलौदा बाजार
सुरक्षा को लेकर फिर से सवाल उठे
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 29 जनवरी। बलौदाबाजार जिले के बकुलाही स्थित सीमेंट प्लांट में हाल ही में हुए औद्योगिक हादसे के बाद जिले के सीमेंट और इस्पात संयंत्रों में श्रमिक सुरक्षा को लेकर फिर से सवाल उठे हैं। विभिन्न श्रमिक संगठनों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2013 से अब तक जिले के प्रमुख सीमेंट और इस्पात संयंत्रों में हुए हादसों में कम से कम 31 श्रमिकों की मौत हुई है। इन संगठनों का कहना है कि उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों में घायल श्रमिकों की संख्या स्पष्ट नहीं है। उनका यह भी दावा है कि कुछ मामलों में गंभीर रूप से घायल श्रमिकों की उपचार के दौरान मृत्यु हुई, जिससे वास्तविक संख्या इससे अधिक हो सकती है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
अलग-अलग वर्षों में हुई घटनाएं
स्थानीय स्तर पर संकलित जानकारी के अनुसार—1 फरवरी 2013 को अंबुजा सीमेंट संयंत्र में हुए हादसे में 6 श्रमिकों की मौत हुई थी। उस समय जिले में विरोध प्रदर्शन हुए थे और प्रशासन द्वारा निषेधाज्ञा लागू की गई थी। वर्ष 2017 में अंबुजा संयंत्र में दो श्रमिकों की मृत्यु की सूचना है। वर्ष 2021 में श्री सीमेंट संयंत्र में हुए हादसे में दो श्रमिकों की मौत का दावा किया गया।
वर्ष 2023 में अल्ट्राटेक संयंत्र में ब्लास्ट और क्रेन से जुड़ी घटनाओं में कुछ श्रमिकों के झुलसने और मृत्यु की जानकारी सामने आई। वर्ष 2024 में अंबुजा माइंस क्षेत्र में सिलेंडर ब्लास्ट की घटना में छह श्रमिकों के घायल होने की सूचना है। वर्ष 2025 में श्री सीमेंट प्लांट में भारी उपकरण गिरने से एक श्रमिक की मौत का मामला सामने आया।
श्रमिक संगठनों का कहना है कि इन घटनाओं के कारणों में ऊंचाई से गिरना, गैस रिसाव, सिलेंडर ब्लास्ट और भारी मशीनों से जुड़ी दुर्घटनाएं शामिल हैं।
उनका आरोप है कि अधिकांश मामलों में सुरक्षा मानकों का पालन पर्याप्त नहीं किया गया।
हालिया घटना के बाद कलेक्टर दीपक सोनी ने कहा है कि जिले के सभी औद्योगिक संयंत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रत्येक इकाई का सुरक्षा ऑडिट कराया जाएगा और जहां लापरवाही पाई जाएगी, वहां प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन के अनुसार, औद्योगिक इकाइयों में श्रमिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं और जांच के बाद आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।


