बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 30 जनवरी। जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। खरीदी प्रक्रिया केवल दो दिन और चलेगी यानी गुरुवार और शुक्रवार के बाद यह सप्ताह हो जाएगा। इसी साल जिले में धान खरीदी का लक्ष्य 96 लाख 29 हजार 100 क्विंटल रखा गया है।
वहीं बुधवार तक 1 लाख 58 हजार 175 किसानों से 84 लाख 22 हजार 805 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है जो पिछले साल से 2 प्रतिशत कम है। अब बचे हुए दो दिनों में 9612 किसानों से 12 लाख 6 हजार 295 क्विंटल धान खरीदना शेष है। धान खरीदी प्रक्रिया के अंतर्गत आगामी दो दिनों में 3 हजार 516 किसानों से 1 लाख 58 हजार क्विंटल धान की खरीदी की जाएगी, लेकिन 6096 किसान अब भी धान बेचने से वंचित रह सकते हैं। खरीदी केन्द्रों पर किसानों की संख्या अधिक होने और संसाधनों की कमी के कारण यह समस्या उत्पन्न हो रही है।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि सभी किसानों का धान खरीदने के प्रयास किया जा रहे हैं, लेकिन खरीदी की सुस्त गति के कारण कई किसान इससे वंचित रह सकते हैं।
धान परिवहन में सुस्ती, केन्द्रों
में जाम की स्थिति
इस बार धान के परिवहन में सुस्ती देखने को मिल रही है। अब तक खरीदे गए 84 लाख 22 हजार 805 क्विंटल धान में से केवल 56 लाख 53 हजार 201 क्विंटल धान का ही परिवहन किया गया है। वहीं 27 लाख 69 हजार 604 क्विंटल धान अभी भी उठाव के लिए केन्द्रों में पढ़ा हुआ है। पलारी विकासखंड के रोहासी, वटगन और कोसमंदी सोसायटी कई केन्द्रों में धान उठाव की गति धीमी होने के कारण जाम जाम की स्थिति बनी हुई है।
धान के उठाव में देरी के कारण खरीदी केन्द्रों पर जगह की कमी हो रही है जिससे नए किसानो का धान खरीदने में बाधा आ रही है। कई किसानों ने शिकायत की है कि उनके धन को सही समय पर नहीं खरीदा जा रहा जिससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है।
किसनों की बढ़ी परेशानी
धान खरीदी के अंतिम तिथि नजदीक आने के कारण किसान चिंतित हैं। जिन किसानों का धान अभी तक नहीं खरीदा गया है वे लगातार खरीदी केदो के चक्कर काट रहे हैं। कुछ किसानों का कहना है कि यदि सरकार ने खरीदी अवधि नहीं बढ़ाई तो उन्हें अपना धान ओने पौने दामों पर व्यापारियों को बेचना पड़ सकता है।
अब अंतर राशि का इंतजार
छत्तीसगढ़ में हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी भाजपा ने किसानों को 3100 प्रति क्विंटल धान मूल्य देने का वादा किया था। हालांकि अब तक किसानों को इस अंतर राशि का भुगतान नहीं किया गया है। बीते दिनों राज्य के मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भुगतान पर बयान दिया था।


