बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
भाटापारा, 21 जनवरी। 1971 में युद्ध के दौरान अपने प्राणों की आहूति देकर सर्वोच्च बलिदान देने वाले पायलट आफिसर शहीद कृष्ण गजानन खोण्डे के सम्मान के प्रति क्षेत्र में उपेक्षा का वातावरण अब जनमानस के बीच एक गहरी टीस के रुप में उभर रही है,विभिन्न संस्थाओं सुधिजनों तथा जन प्रतिनिधियों के बीच उपेक्षा के मसले पर अभिव्यक्ति की बानगी प्रारंभ हो गई है, क्षेत्र की संवेदना एवं भावना को सरयू साहित्य परिषद द्वारा विभिन्न प्रकल्पों तक पंहुचाया जा रहा है तथा वीर शहीद के समुचित सम्मान की मांग की जा रही है।
लगभग आधी सदी बीत जाने के बाद भी वीर शहीद को समुचित सम्मान नहीं मिलने तथा रेस्ट हाउस के अहाते में लगी पट्टिका जो सम्मान कम उपेक्षा का उदाहरण अधिक प्रस्तुत कर रही है, इन्हीं बिन्दुओं को मद्देनजर कर सरयू साहित्य परिषद द्वारा जहां पीडब्लूडी एसडीओ तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा गया है, वहीं इसी कड़ी में क्षेत्र के विधायक इन्द्र साव को परिषद के अध्यक्ष गौरीशंकर शर्मा एवं मुकेश शर्मा के नेतृत्व में वीर शहीद के समुचित सम्मान के आशय का एक ज्ञापन सौंपा गया।
प्रेरणा के पुंज हमारे वीर सैनिक एवं आदर्शमय उनका त्याग और बलिदान नि:संदेह कदम कदम पर समाज को प्रेरणा देने का कार्य करते है, इसीलिए उनकी स्मृति को जीवंत बनाए रखना जहां समाज का दायित्व है वहीं उनके योगदानों के प्रति कृतज्ञता के भाव की अभिव्यक्ति भी है, लेकिन भाटापारा में इस मसले पर उदासीनता का वातावरण तथा शासन प्रशासन द्वारा उपेक्षा की बानगी नि:संदेह चिंतनीय विषय है। आज वीर शहीद के सम्मान की उपेक्षा क्षेत्र में एक बड़ी पीड़ा के रुप में उभर रही है। सरयू साहित्य परिषद द्वारा वीर शहीद के समुचित सम्मान के मांग का ज्ञापन विधायक इन्द्र साव को सौंपा गया, जिस पर उनके द्वारा संवेदना पूर्वक विचार करते हुए शहीद के समुचित सम्मान के लिए समुचित प्रयास एवं इस दिशा मं ठोस क्रियान्वयन के प्रयास का आश्वासन उनके द्वारा दिया गया।
इस दिशा में प्रथम एवं महत्वपूर्ण पहल यह हो कि उनकी नाम पट्टिका व्यवस्थित एवं अच्छे ढंग से लगायी जाए जिसमें उनके जीवन वृत्त की झांकी के साथ वीर शहीद के योगदान का उल्लेख हो, जिससे नयी पीढ़ी उनके बारे में संपूर्ण जानकारी प्राप्त करने के साथ ही समाज प्रेरणा ग्रहण कर सके।


