बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 20 जनवरी। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के ध्वनि प्रदूषण के संबंध में जारी आदेश के पश्चात जिला प्रशासन द्वारा कढ़ाई बढ़ते जाने के फलस्वरुप कुछ माह तक डीजे की कर्ज ध्वनि पर विराम लगा हुआ था, परंतु वर्तमान में संबंधित विभागों प्रशासन व पुलिस द्वारा सुस्ती बरते जाने के चलते एक बार फिर डीजे के तीव्र ध्वनि की आवाज से नगरवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बोर्ड परीक्षाओं की वार्षिक प्रायोगिक परीक्षाएं जारी रहने के अलावा शीघ्र ही विद्यालयों में प्री बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन भी किया जाना है। इन परिस्थितियों में विद्यार्थियों को अत्यधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यदि प्रशासन द्वारा इस दिशा में तीव्र पहल नहीं किया गया तो इसका दुष्प्रभाव परीक्षार्थियों के परिणामों पर पडऩे से इंकार नहीं किया जा सकता। ज्ञात को 11 सितंबर 2024 को छत्तीसगढ़ शासन आवास एवं पर्यावरण विभाग मंत्रालय नया रायपुर अटल नगर द्वारा समस्त कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक को जारी पत्र में उल्लेख है कि भारत शासन के पर्यावरण वन एवं जलवायु पर्यावरण मंत्रालय नई दिल्ली द्वारा ध्वनि प्रदूषण नियम एवं नियंत्रण फरवरी 2000 से प्रभावशील है। इस संबंध में दायर जनहित याचिका का निराकरण करते हुए छग हाईकोर्ट ने अप्रैल 2017 को आदेशित किया कि कलेक्टर एसपी और जिला प्रशासन के अधिकारी अनिवार्य रूप से आदेशित किया गया कि अधिकारी ध्वनि प्रदूषण के मामले में किसी नागरिक का फोन का इंतजार ना करें। अपितु सकारात्मक कार्रवाई करें। कलेक्टर तथा एसपी सुनिश्चित करें कि कोई भी वाहन पर साउंड बॉक्स ना बजे। साउंड बॉक्स मिलने पर बॉक्स जप्त कर वाहन का रिकॉर्ड रखा जाए और जप्त सामग्री कलेक्टर के आदेश के बाद ही छोड़ जाये।
द्वितीय बार पकड़े जाने पर वाहन का परमिट निरस्त कर हाईकोर्ट के आदेश के बिना नए परमिट जारी नहीं किया जाये।
नियम का उल्लंघन करते पाए जाने वाले अधिकारी पर अवमानना की कार्रवाई की जायेगी। यही नहीं सामाजिक धार्मिक कार्यक्रमों में निर्धारित माफ डंडों से अधिक ध्वनि प्रदूषण होने पर अधिकारी संबंधित से न्यायालय के आदेश का पालन का आग्रह करें। यदि आयोजक विरोध करता है तो न्यायालय में कार्यवाही किए जाएं तथा आयोजन के विरुद्ध भी अवमानना का प्रकरण न्यायालय में दायर करें। ध्वनि प्रदूषण यंत्र टेंट हाउस साउंड सिस्टम प्रदाय करता अथवा डीजे वाले का पाया जाना जाता है तो उसे सीधे जब्त किया जाए। वाहनों में प्रेशर अथवा मल्टी ड्रोन हॉर्न की स्थिति में संबंधित अधिकारी उसे वाहन से निकाल कर नष्ट करेंगा। यदि दोबारा अपराध किया जाता है तो वाहन जप्त कर उच्च न्यायालय के आदेश के बिना नहीं छोड़ा जा सकेगा। किसी प्रकार स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, कोर्ट, शासकीय कार्यालय से 100 मीटर एरिया डिस्टेंस पर साउंड स्पीकर बजाने पर कलेक्टर एसपी डीएसपी या प्राधिकृत अधिकारी को ध्वनि प्रदूषण संयंत्र को जप्त करना होगा। जिसे मजिस्ट्रेट के अनुमति के बिना वापस नहीं किया जायेगा। द्वितीय गलती पर उच्च न्यायालय के आदेश के बिना वापस नहीं किया जायेगा।
यातायात पुलिस द्वारा शराब पीकर वाहन चालन यातायात नियमों के विभिन्न नियमों का पालन न करने वाले वाहन चालकों पर सतत कार्रवाई किया जा रहा है। यही नहीं मदिरापान करने वाले वाहन चालकों के सामने न्यायालय में प्रस्तुत कर जुर्माना भी वसूल किया किया जा रहा है। परंतु नगर में दर्जनों बाइकर्स पटाखे की तीव्र ध्वनि युक्त बाइक का चालान कर अवमानना करने वाले लोगों के अलावा गली मोहल्लों के लोगों को परेशान कर रहे हैं। ऐसे लोगों पर कार्रवाई कर लाइसेंस को जप्त करना चाहिए।


