बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
भाटापारा, 18 जनवरी। 1971 का युद्ध हुए लगभग 53साल बीत चुका है,भारत पाक के युद्ध मे हमारे वीर सैनिकों का शौर्य एवं साहस अप्रतिम रहा जिसके चलते हमें विराट विजय प्राप्त हुई, इस युद्ध में हमारे वीर सैनिकों को अपने प्राणों की आहूति देने पड़ी। इसी कड़ी में भाटापारा के वीर सपूत पायलट आफिसर श्री कृष्ण गजानन खोण्डे वीर गति को प्राप्त हुए एवं राष्ट्र के लिए उन्होंने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया, लेकिन लगभग आधी सदी बीत जाने के बाद भी क्षेत्र में इस वीर शहीद को वह सम्मान अब तक नहीं मिल पाया है और परम वैभव को प्राप्त इस व्यक्तित्व को लेकर आज भी उपेक्षा की दुखद बानगी नजर आती है।
सम्मान एवं कृतज्ञता का भाव व्यक्त करने की कड़ी मे क्षेत्र मे महज इतना ही कार्य हुआ और रेस्ट हाउस से नाका नंबर एक सडक़ का नामकरण वीर शहीद के नाम पर किया गया और एक पट्टिका लगा दी गयी, जिस पर उनका जीवन वृत्त उल्लेखित था, लेकिन सडक़ चौड़ीकरण के समय वह पट्टिका भी हटा दी गई। अब रेस्ट हाउस के अहाते से लगकर एक पट्टिका लगी है वह सम्मान कम उपेक्षा का भाव अधिक प्रदर्शित कर रही है,क्योंकि अहाते से लगे हॉटल के सामानों से घिरी पट्टिका ऐसे महसूस होती है जैसे अन्य सामानों की तरह पट्टिका भी एक किनारे रख दी गयी है।
आदर्शों का स्मरण उनके प्रति कृतज्ञता के भाव का अर्पण और सम्मान की भावना की अभिव्यक्ति जहां समाज मे सुचिता के वातावरण को पल्लवित करती है वहीं नयी पीढ़ी के लिए प्रेरणा का भी सबब बनती है, लेकिन आज दुखद स्थिति यह है कि क्षेत्र में वीर शहीद की उपेक्षा के चलते नई पीढ़ी एक तरह से अंजान होती जा रही है। बहुत लोगों को आज वीर शहीद के बारे में जानकारी भी नहीं है। वीर शहीद की निरंतर होती उपेक्षा पर पीड़ा व्यक्त करते हुए रचनात्मकता से गहन सरोकार रखने वाली संस्था सरयू साहित्य परिषद द्वारा अध्यक्ष गौरीशंकर शर्मा एवं मुकेश शर्मा के नेतृत्व मे पीडब्लू डी एसडीओ आर के साहू तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा गया। उक्त ज्ञापन में वीर शहीद श्री कृष्ण गजानन खोण्डे के समुचित सम्मान की मांग की गयी है।


