बलौदा बाजार
5 साल में भी नहीं सुधरी व्यवस्था, सडक़ पर लौटा बाजार, 200 चबूतरा खाली पड़े
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार , 12 जनवरी। पांच जनवरी को नगर पालिका अध्यक्ष सहित 20 वार्डों के पार्षद का कार्यकाल खत्म होने के बाद अब शहर की जिम्मेदारी प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ में आ गई है। बलौदाबाजार एसडीएम अमित गुप्ता ने प्रशासक के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। लोगों को उम्मीद है कि समस्याओं की ढेर सारी बैठी शहर की बेपटरी हो चुकी व्यवस्था को पटरी पर लाने का प्रयास करेंगे।
5 साल में भी शहर की ट्रैफिक व्यवस्था नहीं सुधर पाई। शहर का इकलौता 40 फीट चौड़ा मुख्य मार्ग अतिक्रमण और व्यवस्थित यातायात के कारण दोपहर तक मात्र 20 फीट का रह जाता है। ठेले गुमटी और सडक़ पर खड़े वाहनों ने मार्ग को इतना संकुचित कर दिया है कि जाम की समस्या दिन प्रतिदिन गंभीर हो रही है। प्रशासन और नगर पालिका के अनदेखी के चलते अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद है। बेदखली अभियान थम गई है।
लाखों की योजना हो चुकी है विफल
नगर पालिका के जनप्रतिनिधियों की लापरवाही और वोट बैंक की राजनीति ने शहर की व्यवस्थाओं को पूरी तरह से चरमरा दिया है। सब्जी बाजार को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से लाखों की लागत से बनाए गए लगभग 200 चबूतरो का आवंटन होने के बावजूद यह खाली पड़े हैं। स्थिति यह है कि सडक़ पर बाजार लग रहा है।
ईमानदारी से चलाएं अभियान- अध्यक्ष
चेंबर ऑफ कॉमर्स जुगल भट्टर का कहना है कि यदि अतिक्रमण हटाने का अभियान अगर ईमानदारी से चलाया जाता है तो शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार आएगा और बाजार में खरीदारी का अनुभव भी बेहतर होगा। लेकिन इसके लिए प्रशासन को राजनीतिक दबाव और अन्य बाधाओ से बचकर काम करना होगा।
कानून का सख्ती से पालन कराया जाएगा- प्रशासक गुप्ता
वहीं इस संबंध में नगर पालिका प्रशासक व एसडीएम अमित गुप्ता ने कहा कि कानून का सख्ती से पालन कराया जाएगा। अतिक्रमणकारियों को पहले नोटिस दिया जाएगा और उसके बाद भी यदि कब्जे नहीं हटाए गए तो कार्रवाई की जाएगी।


