बलौदा बाजार

एसपी के नवाचार और पहल का असर
12-Jan-2025 2:37 PM
एसपी के नवाचार और पहल का असर

बच्चों की पहल से बढ़ी हेलमेट पहनने की जागरूकता

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार , 12 जनवरी।
पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल द्वारा शुरू की गई नई पहल ‘आप छोटे हैं, लेकिन दिल सच्चे हैं’  ने समाज में सकारात्मक बदलाव की बयार ला दी है। 
इस पहल का उद्देश्य न केवल बच्चों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना है, बल्कि उनके माध्यम से बड़ों तक इस संदेश को पहुंचाना भी है कि सडक़ सुरक्षा के लिए हेलमेट पहनना कितना महत्वपूर्ण है।

पहल की शुरुआत और संदेश
एसपी विजय अग्रवाल ने बच्चों से संवाद करते हुए उन्हें समझाया कि वे अपने परिजनों को हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा, बच्चों की बातें अक्सर बड़ों के दिल पर गहरी छाप छोड़ती हैं। यदि बच्चे अपने माता-पिता और परिजनों से कहेंगे कि हेलमेट पहनें, तो इसका प्रभाव निश्चित रूप से दिखेगा। यही बदलाव का पहला कदम होगा।

धरातल पर दिख रहा है असर
इस अभियान का असर अब सडक़ों पर साफ तौर पर देखा जा सकता है। भरूवाडीह, सैहा और गुमा जैसे इलाकों में बच्चे अपने माता-पिता और अन्य परिजनों को मोटरसाइकिल पर बैठने से पहले हेलमेट पहनने की सलाह देते दिख रहे हैं। कई जगहों पर बच्चे अपने परिजनों को खुद हेलमेट पहनाते नजर आ रहे हैं।

भरूवाडीह के निवासी रामकुमार ने कहा, मेरा बेटा रोज स्कूल से आने के बाद मुझसे पूछता है कि मैंने हेलमेट क्यों नहीं पहना। उसकी यह जिद अब मेरी आदत बन गई है। मैं अब बिना हेलमेट मोटरसाइकिल पर नहीं निकलता।

स्कूलों-संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम
इस पहल को सफल बनाने के लिए पुलिस अधीक्षक ने स्कूलों में भी जागरूकता कार्यक्रम शुरू किए हैं। इन कार्यक्रमों में बच्चों को हेलमेट की उपयोगिता के बारे में बताया जा रहा है और उन्हें यह सिखाया जा रहा है कि वे अपने परिवार के सदस्यों को कैसे जागरूक कर सकते हैं।

गुमा के प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका राधा देवी ने बताया, बच्चे अब खुद से आगे आकर यातायात नियमों का पालन करने और दूसरों को इसके लिए प्रेरित करने लगे हैं। यह देखकर बहुत गर्व महसूस होता है।

समाज में आ रहा सकारात्मक बदलाव
इस पहल ने न केवल बच्चों को जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित किया है, बल्कि उनके माध्यम से बड़े भी जागरूक हो रहे हैं। सैहा के व्यापारी राकेश वर्मा ने बताया, पहले मैं हेलमेट को सिर्फ कानून से बचने का जरिया समझता था, लेकिन अब मेरा बेटा जब मुझसे कहता है कि पापा, आपकी सुरक्षा मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण है,ज् तो मैं हेलमेट पहनने को गंभीरता से लेता हूं।

पुलिस अधीक्षक ने जताई खुशी
पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने कहा, यह बच्चों और समाज की सामूहिक पहल का परिणाम है। बच्चों की मासूम और सच्ची बातों का असर समाज पर गहराई से पड़ता है। हम चाहते हैं कि यह अभियान न केवल हमारे जिले तक सीमित रहे, बल्कि पूरे राज्य और देश में फैल सके।

पुलिस प्रशासन का लक्ष्य है कि इस पहल को और अधिक प्रभावशाली बनाया जाए। इसके लिए स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर जागरूकता अभियान चलाने की योजना बनाई जा रही है। साथ ही, इस पहल को डिजिट


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