बलौदा बाजार

अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट विस्तार की जनसुनवाई, ग्रामीणों ने जताया विरोध
10-Jan-2025 6:24 PM
अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट विस्तार की जनसुनवाई, ग्रामीणों ने जताया विरोध

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बलौदाबाजार, 10 जनवरी। अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट रावन के विस्तार के खिलाफ किसानों, महिलाओं और युवाओं ने विरोध किया है।

 ग्राम रावन के अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट के उत्पादन क्षमता विस्तार के खिलाफ छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने गुरुवार को जनसुनवाई आयोजित की थी, जिसमें स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया।

इस सुनवाई में किसानों, युवाओं और महिलाओं ने अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट रावन के संचालन और उसके विस्तार से उत्पन्न हो रही समस्याओं पर सवाल उठाए. मुख्य रूप से भूमि अधिग्रहण, मुआवजा न मिलना, बेरोजगारी, प्रदूषण, सडक़ निर्माण की स्थिति और पर्यावरणीय प्रभाव के मुद्दे उठाए गए। जन सुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट रावन प्रबंधन की नीतियों की कड़ी आलोचना की और प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की।

जर्जर हो रही सडक़ों और प्रदूषण को लेकर विरोध

ग्रामीणों ने कहा कि अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट रावन के भारी वाहनों के आवागमन से गांवों की सडक़ें जर्जर हो गई है। अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट रावन की वजह से सडक़ें गहरे गड्ढों से भर गई हैं, जिसके कारण दुर्घटनाएं हो रही है. गांववाले सडक़ सुधारने की मांग कर रहे हैं ताकि आवागमन सुचारू रूप से हो सके। इसके अलावा, अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट रावन से निकलने वाली धूल के कारण ग्रामीणों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। ग्राम रावन के निवासियों ने कन्वेयर बेल्ट से उठने वाली धूल और वायु प्रदूषण पर भी कड़ा विरोध जताया।  इसके प्रभावों को रोकने के लिए उपायों की मांग की।

भूमि अधिग्रहण और मुआवजा पर गंभीर सवाल

जन सुनवाई में सबसे प्रमुख मुद्दा भूमि अधिग्रहण और मुआवजा का था। ग्राम रावन के किसान दीपक वर्मा ने आरोप लगाया कि अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट रावन ने उनकी कृषि योग्य भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया है, जिसका मुआवजा आज तक नहीं दिया गया।

उन्होंने बताया कि उनकी जमीन पर सडक़ निर्माण और कन्वेयर बेल्ट लाइन बिछाई गई है, लेकिन इसके बदले उन्हें कोई मुआवजा नहीं मिला। किसानों ने कहा कि वे वर्षों से जिला प्रशासन और अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट रावन प्रबंधन से मुआवजे की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।

भूमि कब्जा करने का लगाया आरोप

ग्राम रावन के अन्य किसानों गोपाल यादव, ओमप्रकाश वर्मा और 65 वर्षीय पूरन लाल वर्मा ने भी अपनी भूमि अधिग्रहण की कहानी सुनाई। किसानों ने बताया कि किस प्रकार अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट रावन ने उनकी भूमि पर कब्जा कर लिया है।

पूरन लाल वर्मा ने कहा कि उनकी 6.62 एकड़ भूमि पर 1994-95 से कब्जा किया गया है, लेकिन उन्हें अब तक इसका कोई मुआवजा नहीं मिला। जन सुनवाई ग्रामीणों ने महिलाओं और बेरोजगार युवाओं की स्थिति पर भी गहरी चिंता व्यक्त की है।

पडक़ीडीह की सरोज साहू ने कहा कि अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट रावन में महिलाओं के लिए कोई रोजगार के अवसर नहीं हैं, जिससे महिला स्व सहायता समूह की महिलाएं बेरोजगार हो रही हैं. अमरिका बाई ने अपनी दुखभरी कहानी सुनाई, जिसमें उन्होंने बताया कि बेरोजगारी के कारण उनके बेटे ने आत्महत्या करने का प्रयास किया था. यह मामला ग्रामीणों को बहुत ही चौंकाने वाला और संवेदनशील लगा।

 

कई ग्रामीणों ने सीमेंट प्लांट प्रबंधन की सराहना की

 

जन सुनवाई में कुछ ग्रामीणों ने अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट रावन के सकारात्मक कार्यों की भी सराहना की. उन्होंने अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट रावन के महिला सशक्तिकरण, युवाओं को रोजगार देने के लिए आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम, तालाब गहरीकरण, वृक्षारोपण और अन्य सामाजिक कार्यों की सराहना की. ग्रामीणों ने ये स्वीकार किया कि अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट रावन के कारण कुछ हद तक रोजगार के अवसर बढ़े हैं और पानी की समस्या भी हल हुई है.

अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट प्रबंधन का जवाब

जन सुनवाई के बाद अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट रावन प्रबंधन ने सभी मुद्दों का क्रमवार जवाब दिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि पर्यावरणीय प्रभाव का मूल्यांकन किया जाएगा और यदि कोई समस्या पाई जाती है, तो उसे ठीक करने के उपाय किए जाएंगे। उन्होंने ये भी कहा कि अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट रावन भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर पुन: विचार करेगा और प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया को शीघ्र ही पूरा किया जाएगा.सडक़ सुधारने और प्रदूषण को नियंत्रित करने के उपायों पर भी कार्य किया जाएगा।


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