बलौदा बाजार
विश्व हिंदू परिषद मातृशक्ति दुर्गा वाहिनी की बैठक
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार , 10 जनवरी। विश्व हिंदू परिषद की मातृशक्ति दुर्गा वाहिनी की विभागीय बैठक सत्यनारायण भवन, काली नगर, पंडरी रायपुर में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस विशेष आयोजन में दुर्गा वाहिनी के विभिन्न स्तरों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की और संगठन की आगामी रणनीतियों व लक्ष्यों पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक की अध्यक्षता अखिल भारतीय दुर्गा वाहिनी की संयोजिका प्रजा महले दीदी ने की। उनके साथ अखिल भारतीय सह संयोजिका प्रीति दुबे, भारती सिंह, प्रांत सह संयोजिका, और प्रांत संगठन मंत्री नंददास दंडोतिया भी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। बलौदा बाजार से मातृशक्ति की प्रतिनिधि आरती सराफ भी बैठक में शामिल हुईं।
बैठक में संगठन की भविष्य की योजनाओं, महिला सशक्तिकरण, समाज सुधार और हिंदू संस्कृति के संरक्षण के विभिन्न आयामों पर चर्चा की गई। प्रजा महले दीदी ने अपने उद्बोधन में संगठन की भूमिका पर जोर देते हुए कहा, हमारा उद्देश्य न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है, बल्कि समाज में उनके नेतृत्व को भी मजबूत करना है। उन्होंने महिलाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविरों और समाज सेवा के कार्यक्रमों की योजना बनाने का आह्वान किया।
प्रांत संगठन मंत्री नंददास दंडोतिया ने कहा, दुर्गा वाहिनी संगठन महिलाओं के सामर्थ्य को जागृत करने का एक सशक्त माध्यम है। हमें इस शक्ति को सही दिशा में ले जाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने संगठन की सक्रियता बढ़ाने और हर जिले में इसकी पहुंच सुनिश्चित करने पर बल दिया।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि आने वाले महीनों में विभिन्न जिलों में महिला सशक्तिकरण शिविर, धर्म जागरण अभियान, और समाज सेवा से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही, संगठन की बहनों के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा।
इस बैठक में विभाग की मातृशक्ति और दुर्गा वाहिनी की बहनों ने बढ़-चढक़र हिस्सा लिया। सभी सदस्यों ने संगठन के उद्देश्यों को साकार करने के लिए अपने-अपने विचार साझा किए और समाज कल्याण के लिए एकजुट होकर काम करने का संकल्प लिया।
बैठक के अंत में, प्रजा महले दीदी ने संगठन की आगामी गतिविधियों की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने सभी सदस्यों को उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया और उन्हें संगठन के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।
यह बैठक एकजुटता, समर्पण और समाज सेवा के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण थी। यह स्पष्ट है कि दुर्गा वाहिनी का यह प्रयास न केवल महिलाओं को सशक्त बनाएगा, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम बनेगा।


