बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 31 दिसंबर। जल संसाधन विभाग के प्रभारी कार्यपालन अभियंता वीके सिरमौर का बिना शासन की अनुमति विदेश दौरे पर जाना विभागीय नियमों और प्रशासनिक अनुशासन का बड़ा उल्लंघन माना जा रहा है। मलेशिया और सिंगापुर की 17 से 30 दिसंबर 2024 की यात्रा पर बताए गए हैं।
इस मामले ने शासन की पारदर्शिता अनुशासन और नियमों की पुख्ता पालन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सिरमौर की यात्रा विधानसभा सत्र के ठीक पहले हुई जब उनकी उपस्थिति जरूरी थी। इस समय पर विदेश यात्रा प्रशासनिक जिम्मेदारी के खिलाफ माना जा रहा है।
सरकारी नियमों के तहत किसी भी सरकारी बड़े अधिकारी को विदेश यात्रा के लिए पहले शासन से अनुमति लेना अनिवार्य होता है। अनुमति की प्रक्रिया में कई औपचारिकताएं पूरी करनी होती है जिनमें यात्रा का उद्देश्य यात्रा का खर्च और अन्य शर्तों की स्पष्ट शामिल रहता है। हालांकि विभाग की सूत्रों के मुताबिक सिरमौर ने इन प्रक्रियाओं को नजर अंदाज करते हुए विदेश यात्रा पर चले गए हैं। इसको लेकर विभाग के अधिकारियों में चर्चा भी चल रही है।
प्रमुख अभियंता कार्यालय ने दी है निजी खर्च की शर्तों पर अनुमति
हालांकि सिरमौर को इंद्रजीत उइके कार्यालय प्रमुख अभियंता ने निजी खर्चे पर यात्रा की अनुमति दी है, लेकिन विभागीय जांच में यह पाया गया कि यह अनुमति शासन की अनुमति के बिना दी गई है जो नियमों के खिलाफ है। साथ ही अनुशासन के खिलाफ भी है।
वहीं प्रमुख अभियंता कार्यालय द्वारा जारी आदेश में भी साफ लिखा गया है कि यात्रा का पूरा व्यय स्वयं का वहन करेंगे।
विदेश में किसी भी प्रकार की सेवा या सुविधा स्वीकार नहीं करनी होगी। अनिवार्य रूप से सक्षम अधिकारी से अवकाश स्वीकृत करना होगा। यात्रा के दौरान किसी भी अप्रत्याशित घटना की जिम्मेदारी स्वयं वीके सिरमौर की होगी।
नियमों का उल्लंघन है -अवर सचिव
प्रेम सिंह धरेंद्र अवर सचिव जल संसाधन विभाग ने कहा कि शासन ने प्रभारी ईई वीके सिरमौर को विदेश यात्रा की कोई अनुमति नहीं दी है। हमारे पास उनका कोई आवेदन भी नहीं आया है। विभाग प्रमुख को भी ऐसा अधिकार नहीं है कि वे शासन की स्वीकृति के बिना अनुमति दें। यह नियमों का उल्लंघन है।


