बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 30 दिसंबर। शनिवार शाम अचानक मौसम बदलने व तेज हवा के साथ बारिश होने से पिछले दिनों से पढ़ रही गर्मी से लोगों को राहत मिली है। वहीं धान उपार्जन केंद्र के अधिकारी कर्मचारी व किसानों की चिंता धान को सुरक्षित रखने के लिए बढ़ गई है। बारिश की वजह से कुछ खरीदी केंद्रों में रखे धान के बारदानों भी भीग गये हैं। यदि आगामी एक-दो दिनों में मौसम का मिजाज बिगड़ा है तो उपार्जन केंद्रों में रखे बारदानों की सुरक्षा समितियों के लिए कठिन चुनौती साबित होगी।
ज्ञात हो कि धान खरीदी का कार्य 14 नवंबर से प्रारंभ किया गया है जिसमें जिले के किसानों ने बड़ी मात्रा में धान का विक्रय किया है। परिवहन की सुस्त गति व पिछले दिनों राइस मिलर्स की हड़ताल के कारण जिला के विभिन्न उपार्जन केंद्रों में बंपर स्टॉक से अधिक धान खुले आसमान के नीचे कैप कवर के नीचे रखा हुआ है। तेज हवा चलने के दौरान कैप कवर के उडऩे की वजह से धान को सुरक्षित रखना समितियों के लिए अत्यधिक कठिन हो रहा है।
जबकि शनिवार की रात हुई बारिश हुआ तेज हवा में कैप कवर के उडऩे से कुछ समितियों में धान के बारदाने भीग गए हैं। यदि परिवहन व बारदानों की सुरक्षा हेतु शीघ्र पुख्ता प्रबंध नहीं किया गया तो समितियों को बेवजह नुकसान उठाना पड़ सकता है। वहीं ऐसे किसान जिनके धान अब तक बिक नहीं पाए हैं और खेत खलियानों में खुले आसमान के नीचे रखें हुए हैं उनके माथे पर भी परेशानी की लकीरें उभर आई है। मौसम की मार की वजह से उन्हें धान की सुरक्षा हेतु कैप कवर खरीदने अतिरिक्त धन राशि व्यय करना पड़ेगा। साथ ही धन भीगने की स्थिति में अनावश्यक नुकसान झेलना पड़ेगा।
165 मिलर्स ने किया उठाव का अनुबंध
जिला में कुल 170 पंजीकृत राइस मिलर्स है जिनमें से 162 ने 877264 मेट्रिक टन धान परिवहन हेतु अनुबंध किया है। इनमें से केवल 3100 मेट्रिक टन चावल नागरिक आपूर्ति निगम में जमा किया गया है जबकि एफसीआई में जमा धान की संख्या निरंक है।
बचे दोनों में धान की खरीदी होगी कड़ी चुनौती
ज्ञात हो जिला में कुल पंजीकृत कृषकों की संख्या 1678 35 एवं कुल पंजीकृत रकबा 177656 हेक्टेयर है जिससे 962612 मेट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा गया है। 27 दिसंबर तक की स्थिति में कुल 484878 मैट्रिक टन धान क्रय किया जा चुका है जिसमें मोटा 119975 मेट्रिक टन पतला 1700 और सरना 363203 मेट्रिक टन शामिल है। जबकि समितियों से कुल 177105 मेट्रिक टन धान का उठाव किया गया है और 307772 मेट्रिक टन धान खुले आसमान के नीचे रखा हुआ है। 14 नवंबर से 27 दिसंबर तक लक्ष्य का महज 50.36 प्रतिशत ही धान खरीदी किया गया है और कुल लाभान्वित कृषक 108541 अर्थात कुल पंजीकृत कृषकों में से 64.67 प्रतिशत ने अपना धान विक्रय किया है।


