बलौदा बाजार

अच्छी सडक़, फिर भी बिछाई जा रही थी डामर, खराब की मरम्मत नहीं
29-Dec-2024 4:31 PM
अच्छी सडक़, फिर भी बिछाई जा रही थी डामर, खराब की मरम्मत नहीं

गुस्साए लोगों ने काम रूकवाया, चुनाव बहिष्कार की चेतावनी 

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार,29 दिसंबर। 
वीआईपी इलाकों की पहले से ही चमचमाती सडक़ पर दोबारा काम करने और जिन सडक़ों पर लोग गुजरते हैं, उसे बदहाल छोडऩे से नाराज लोगों ने  वीआईपी इलाके की सडक़ का डामरीकरण रुकवा दिया। उन्होंने साफ कहा कि जब हमारी सडक़ नहीं बनाई जा रही है तो अधिकारियों की भी सडक़ नहीं बनने देंगे। 

7 साल से टूटी सडक़ों को ठीक करने के लिए संघर्ष कर रहे पंचशील नगर के लोगों का धैर्य तब जवाब दे गया, जब उन्होंने देखा कि कलेक्टरेट रोड की चमचमाती सडक़ पर फिर से डामरीकरण किया जा रहा है, वहीं उनकी अपनी सडक़ों में अब भी गड्ढे और धूल हैं। नागरिकों ने सडक़ जल्द नहीं बनने पर मतदान के बहिष्कार की चेतावनी भी दे दी। 

सडक़ों पर उतरे आक्रोशित मोहल्ले वासियों को शांत करने पहुंचे मुख्य नगर पालिका अधिकारी और नगर पालिका अध्यक्ष को भी विरोध का सामना करना पड़ा। आक्रोशित लोगों ने सवाल करते हुए पूछा कि बिगड़ी सडक़ों को सुधारने की बजाय बनी हुई सडक़ों पर काम हो रहा है क्या हम इंसान नहीं है? क्या हमें अच्छी सडक़ों पर चलने का अधिकार नहीं है? पंचशील नगर जाने वाली यह सडक़ पूरी तरह जर्जर है जिसकी शिकायत दर्जनों बार मोहल्ले वासियों ने नगर पालिका और कलेक्ट्रेट में की है।

सीएमओ खिरोद्र भोई ने कहा कि एक दो दिनों के अंदर टेंडर जारी कर सडक़ निर्माण शुरू करवा दिया जाएगा। 

लगातार 7 साल से मिल रहा धोखा अब यह नहीं होने देंगे
मोहल्लेवासियों का विरोध इतना तीव्र था कि अधिकारियों को हरकत में आना पड़ा। उन्होंने जल्द सडक़ निर्माण का आश्वसन दिया। मोहल्लेवासियों का कहना है कि केवल वादों से काम नहीं चलेगा। जब तक उनकी सडक़ों पर निर्माण कार्य शुरू नहीं होता, तब तक विरोध जारी रहेगा। 

मोहल्लेवासियों ने साफ कहा कि ऐसे वादे वे पहले भी सुन चुके हैं। संहिता लगने वाली है। फिर चुनाव का बहाना बनाएंगे।  सात साल में हमें बस धोखा दिया गया है। 
सडक़ के लिए सडक़ पर उतरे एसएन पाध्ये, विष्णुधारा दीवान दिनेश शर्मा, नीलम दीक्षित, विकास चंद्राकर, गुड्डा दीवान, के के वर्मा, बलदाऊ ठाकुर, शिवम तिवारी, अमित शर्मा सहित अन्य लोगों ने  चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द उनकी सडक़ नहीं बनी तो नगर पालिका चुनाव में वोट देने नहीं जाएंगे।

कलेक्टोरेट तक सुहाना सफर, फिर उबड़-खाबड़
मुख्य मार्ग से संयुक्त जिला कार्यालय भवन को अप्रोच करने वाला कलेक्ट्रेट मार्ग कलेक्ट्रेट तक तो सुहाने सफर का एहसास करती है, पर कलेक्ट्रेट के बाद जो रास्ता शुरू होता है वहां से सुहाने सफर का वास्ता खत्म हो जाता है इसके बाद उबड़ खाबड़ सडक़ है। इस सडक़ की हालत पिछले 7 साल से ऐसी ही है, लोग परेशान हैं। 

चुनाव के समय काम हो रहा, उसमें भी भेदभाव!
मोहल्ले के ही विकास चंद्राकर का कहना है कि नगर पालिका चुनाव नजदीक आते ही जनप्रतिनिधियों को सडक़ों और विकास कार्यों की याद आ रही है। कार्यकाल खत्म होने की कगार पर है, अब काम में जुटे हैं। 


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