बलौदा बाजार
माफियाओं ने रेत साफ कर दिया, अब मिट्टी-कीचड़ बाकी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार,13 दिसंबर। बलौदाबाजार के पलारी ब्लॉक में दतान और खैरा गांव स्थित महानदी के घाटों से रेत पूरी तरह साफ हो चुकी है। कुछ साल पहले तक यहां शीत ऋतु में भी घुटनों तक पानी रहता था। बीच में तेज धारा भी बहती थी। अब स्थितियां बदल चुकी है।
गांव वालों के मुताबिक कुछ साल पहले नदी के घाटों पर सुनहरी रेत की चमकदार परत फैली रहती थी। रेत माफियाओं ने अवैध खनन कर अब नदी की पूरी रेत खोद डाली है। नतीजतन नदी में पानी की धार भी अब गायब हो गई है। रेत की जगह अब केवल मिट्टी और कीड़ा ही नजर आ रहा है।
इस बारे में जिला प्रशासन और खनिज विभाग की अनदेखी भी सवालों के घेरे में हैं। दतान गांव में नदी की चौड़ाई करीब 200 मीटर थी। अब यहां नदी का वह रूप दिखाई नहीं देता। इस स्थिति का सामना न केवल दतान बल्कि जिले के अन्य घाटों को भी करना पड़ रहा है। रेत माफियाओं के अवैध खनन से नदी का प्राकृतिक संतुलन बिगड़ गया है। अब यह सूखने की कगार पर पहुंच गया है।
वहीं कसडोल ब्लॉक में हसुवा और बलौदा गांव में रेत के खनन और परिवहन का अवैध कारोबार जोरों पर है। यहां रेत माफिया रात के अंधेरे में जोक नदी से रेत निकालकर बिना रॉयल्टी के विभिन्न स्थानों तक पहुंचा रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक जिला प्रशासन और खनिज विभाग के कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से रेत माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। हसुवा और बलौदा इलाके में रेत माफिया अवैध खनन और परिवहन के लिए हाईवा ट्रैक्टर का इस्तेमाल कर रहे हैं। माफियाओं द्वारा दिन-रात सैकड़ों ट्रिप रेत नदी से निकलकर स्टॉक किया जाता है फिर इसे ट्रक और हाईवा से शहरों तक पहुंचाया जाता है।
हसुवा गांव से रेत भरकर गिधौरी खनिज जांच नाका पर बिना किसी जांच रेत को बिलासपुर और शिवरीनारायण तक भेजा जा रहा है। इसकी शिकायत भी हुई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसके कारण इलाके में नदी के अस्तित्व पर ही खतरा मंडराने लगा है।
भूपेंद्र भक्त मानिक इंस्पेक्टर खनिज विभाग का कहना है कि रेत तस्करों के खिलाफ टीम 24 घंटे सक्रिय है। देखता हूं कि आगे और क्या कार्रवाई हो सकती है।


