बलौदा बाजार

चक्रवाती तूफान फेंगल से बारिश, खेतों में रखा धान भीगा
02-Dec-2024 2:50 PM
चक्रवाती तूफान फेंगल से बारिश, खेतों में रखा धान भीगा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बलौदाबाजार, 2 दिसंबर। जिले में चक्रवाती तूफान फेंगल के कारण रविवार को दिनभर बादल छाए रहने और हल्की बारिश होने से खेतों में पड़ी धान फसल को नुकसान हो रहा है। खेतों में धान या तो करपा के रूप में या खरही के रूप में है।

धान को भीगने से बचने की जुगाड़ किसान लग गए हैं, मगर इसकी पर्याप्त व्यवस्था नहीं हो पा रही है। अभी धान की मिंजाई भी चल रही है। खेत गीले होने से मिजाई में भी दिक्कत आने वाली है। बलौदाबाजार के आसपास हुई बारिश से खेत अधिकांश रूप से पानी से भर भी गए हैं।

इधर, इस तूफान ने ठंड भी बढ़ गई है। तापमान न्यूनतम 13 डिग्री और अधिकतम 20 डिग्री पर आ गया है। कलेक्टर दीपक सोनी ने धान खरीदी केंद्रों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी केंद्रों में धान को बारिश से बचने के लिए कवर कैप लगाया जाए। किसानों के लिए सुबह-सुबह अलाव जलाने की व्यवस्था करने के साथ ही रैन बसेरों में अलाव की व्यवस्था करने सभी नगरी निकायों के सीएमओ को निर्देश दिए हैं। यह भी कहा कि रैन बसेरों में रुकने वाले लोगों को कंबल और गर्म कपड़ों की सुविधा अनिवार्य रूप से मुहैया कराई जाए। साथ ही चौक चौराहों रेलवे स्टेशन बस स्टैंड अस्पताल और बाजार जैसे प्रमुख स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की जाए।

अगले तीन-चार दिन तक ऐसा ही मौसम बना रहेगा

मौसम विभाग के अनुसार पेयजल तूफान के प्रभाव के चलते अगले तीन-चार दिनों तक मौसम ठंडा और नम रहेगा। रात के तापमान में बढ़ोतरी होगी जबकि दिन का तापमान बादलों के कारण थोड़ा काम रहेगा। विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं जिससे किसानों और आम नागरिकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

आगे भी बारिश जारी रही तो फसल बर्बाद होने का डर

किसान अब प्रशासन से मदद की उम्मीद कर रहे हैं। उनका कहना है की बारिश से नुकसान होने की संभावना बढ़ गई है। जिसकी भरपाई के लिए प्रशासन से मुआवजा मिलना चाहिए। बारिश के बाद अब खेतों और खलिहानो में पड़े धान को सूखने में भी समय लगेगा जिससे उनकी लागत और बढ़ जाएगी। यह सिलसिला जारी रहा तो फसल पूरी तरह बर्बाद होगी।

समाज सेवकों से मदद करने की अपील

कलेक्टर ने समाजसेवी संस्थाओं और नागरिकों से अपील की है कि वे ठंड से प्रभावित जरूरतमंदों की समस्या के लिए आगे आए। झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले और समाज के कमजोर वर्ग के लोगों को गर्म कपड़े और कंबल दान करने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने नेकी की दीवार और अन्य माध्यमों से सामग्री कलेक्शन अभियान चलाने की बात कही।

कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को सतर्क किया

ठंड से होने वाली बीमारियों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। बीमारियों से बचाव के उपाय जनता तक पहुंचाने की बात कही गई है। अस्पतालों में ठंड से संबंधित बीमारियों के इलाज के लिए विशेष व्यवस्था करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।


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