बलौदा बाजार
मना करने पर हो जाती है अभद्रता पर उतारू
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 24 सितंबर। कुछ घुमंतू महिलाओं के समूह द्वारा बेखौफ हरे-भरे पेड़ों की योजनाबद्ध तरीके से कटाई की जा रही है। समूह में एकत्र महिलाएं आमजनों के मना करने पर अभद्रता पर उतारू हो जाती हंै।
बलौदाबाजार भाटापारा मार्ग पर अंबुजा-अदानी सीमेंट संयंत्र द्वारा सडक़ के किनारे रोपे गए पेड़ों की घुमंतू महिलाएं धड़ल्ले से कटाई कर रही हंै। जिला प्रशासन द्वारा इन घुमंतू महिलाओं को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का सराहनीय प्रयास किया जा रहा है। यदि जिला प्रशासन इन महिलाओं को पेड़ों की कटाई नहीं करने हेतु समझाइश भी दें तो हरे-भरे पेड़ों को बलि चढ़ाने से बचाया जा सकता है। विदित हो कि बलौदाबाजार भाटापारा मार्ग के अलावा शहर से लगे गांवों में घुमंतू जाति के लोग विशेष कर महिलाएं अल सुबह समूह में एकत्र होकर योजनाबद्ध तरीके से पेड़ों की कटाई कर रही हैं। पहले इनके द्वारा बांस में लगे लोहे के हुक से पेड़ की कमजोरी टहनियां को मरोड़ दिया जाता है।
2 से 4 दिनों बाद इस टहनी के सूखने की स्थिति में इसे कुल्हाड़ी से काट दिया जाता है। धीरे-धीरे पूरे पेड़ की कटाई किया जाता है। उक्त स्थानों पर ऐसे ठूंठ और मरोडक़र सुखायी गयी टहनियां देखी जा सकती है।
सुबह भी 30-40 के समूह में पहुंची महिलाओं के द्वारा पेड़ों की टहनियों को तोडऩे के अलावा पेड़ों की कटाई की जा रही थी। जिन्हें प्रात: भ्रमण पर निकले जागरूक लोगों द्वारा मना करने का प्रयास भी किया गया, पर टहनी के सूख जाने की बात कहते हुए उनके द्वारा विवाद प्रारंभ कर दिया गया। यही नहीं सीमेंट संयंत्र के गार्ड भी वहां पहुंच गए जिनके द्वारा महिलाओं को मना करने पर उनके द्वारा अभद्रता व गाली गलौज प्रारंभ कर दिया गया।
कुकुरदी बायपास के समीप वन विभाग के डिपो में निवास गार्ड को अवगत कराया गया तो उसने भी कटाई कर रहे लोगों को रोक पाने में असमर्थता व्यक्त की। उसने बताया कि प्रतिदिन घूमंतु लोगों का यही क्रम है, मना करने पर वे विवाद पर उतारू हो जाते हैं।
इस संबंध में यह भी उल्लेखनीय है कि अरसे से उपेक्षित घुमंतू लोगों को जिला प्रशासन की विशेष पहल पर अस्थाई स्कूल, पेयजल, स्वास्थ्य जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। यदि वन विभाग, जिला प्रशासन व अदानी सीमेंट संयंत्र प्रबंधन द्वारा संयुक्त पहल कर ऐसे लोगों को समझाइश दी जाए तो मार्ग की खूबसूरती बढ़ाने वाले इन पेड़ों को नष्ट होने से बचाया जा सकेगा।


