बलौदा बाजार
कलेक्टर से शिकायत, आंदोलन की चेतावनी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 8 सितंबर। ग्राम सुहेला आंचल में स्थापित अल्ट्राटेक सीमेंट संयंत्र शाखा हिरमी के खिलाफ प्रभावित हिरमी सकलोर और कुथरौद और पारसवानी आदि चार पंचायत के प्रतिनिधियों ने कलेक्टर से शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की है। अन्यथा धरना प्रदर्शन एवं स्मरण अनशन करने की चेतावनी दी है।
पंचायत के सरपंचों एवं जनपद सदस्यों ने आरोप लगाया है कि उक्त संयंत्र द्वारा बिना पंचायत के अनुमति से पिछले 10 सालों से निर्माण तथा खनन कार्य किया जा रहा है और पंचायत को कच्चा माल परिवहन पर रॉयल्टी की राशि भी नहीं दी जा रही है। इसके अलावा प्रभावित गांवों के बेरोजगारों को संयंत्र में प्राथमिकता नहीं दी जा रही है। संयंत्र के लिए चलने वाले भारी वाहनों के कारण मार्गो के अत्यंत जर्जर होने के बावजूद मरम्मत नहीं की जाती। नवनिर्मित फ्लाईओवर ब्रिज जर्जर होने व उसका विरोध करने पर स्थानीय लोगों से मारपीट भी की गई।
चारों पंचायत के प्रतिनिधियों ने कहा कि रोजगार देने के नाम पर अपने ही प्रभावित ग्रामों के युवकों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। परसवानी सरपंच कुसुम डहरे बरडीह सरपंच भागीरथी वर्मा कुथरौद सरपंच शिवकुमार जायसवाल और हिरनी सरपंच माहेश्वरी सोनी ने कहा कि स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार देने के संबंध में संयंत्र के अधिकारियों को कई बार कई लिखित व मौखिक रूप से आगरा किया गया किंतु हमेशा अनदेखी कर दी जाती है। रोजगार आदि देव भी दे तो एक या दो माह बाद निकाल दिया जाता है जबकि अन्य प्रदेश से आए लोगों की संख्या हर माह बढ़ती जा रही है। उक्त संबंध में एचओडी सीएसआर रंजीत नैनवाल ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों की मंशा क्या है कह नहीं सकते। परंतु संयंत्र प्रबंधन द्वारा सीएसआर के तहत अनेकों कार्य किया जा रहे हैं, जो ग्राउंड लेवल पर दिखाई भी दे रहे हैं।
सुरक्षा कर्मियों द्वारा मारपीट
युवा संघ के अंकुर धुरंधर और श्री राम संघ के युवक उसके उदाहरण हैं। जिसके द्वारा ब्रिज के नीचे वाला रास्ता खोले जाने की मांग किए जाने पर संयंत्र की सुरक्षा कर्मियों द्वारा मारपीट, गाली गलौज तथा दुव्र्यवहार किया गया और दूसरे दिन जनप्रतिनिधि तिमिर उपाध्याय के सामने संयंत्र के अधिकारी रंजीत नैनवाल वैभव त्रिपाठी और बीडी सोनवानी ने गाली गलौज स्वीकार कर आरोपी से माफी मांगने की बात कही। किंतु अभी तक ऐसा कुछ नहीं किया गया।
20 साल में नहीं की गई मार्ग की मरम्मत
संयंत्र द्वारा माल परिवहन में रोज सैकड़ो गाडिय़ां चलती है किंतु जिस मार्ग में आवागमन होता है उसकी हालत काफी जर्जर हो चुकी है। जिसे समय-समय पर मात्र कुछ कुछ जगहों पर दिखावे के लिए सुधार कार्य किया जाता है। स्थानीय ग्राम के गौठन से होते हुए जो मुख्य मार्ग मोहरा की ओर जाती है। वह पिछले 20 सालों में आज तक नहीं सुधर पाया। वही गोद ग्राम सकलोर का मुख्य मार्ग कुथरौद से सुहेला मुख्य मार्ग की स्थिति खराब होने से दुर्घटनाएं होती रहती है।
कुछ साल पहले ही इसके द्वारा जनपद सदस्य प्रतिनिधि तिमिर उपाध्याय के विरोध के बावजूद ओवर ब्रिज निर्माण की आड़ में हजारों पेड़ काटे गए संयंत्र से निकलने वाले दस्त और बंजर होने वाली कृषि भूमि की मिट्टी की उर्वरकता बढ़ाने की दिशा में उनके द्वारा आज तक कोई योजना नहीं बनाई गई। संयंत्र द्वारा पिछले वर्ष बनाए गए ओवरब्रिज में अभी से दरार पडऩे लगी है। जिसके कारण , आम आदमी खौफ के साथ स्कूल से यातायात करने को मजबूर है। क्योंकि नीचे जो मार्ग आवागमन का था उसे पूर्ण रूप से बंद कर अपने अधिकार में ले लिया है।
सीएसआर के तहत काम कराया जा रहा हैं-एचओडी


