बलौदा बाजार

नगर पालिका ने 182 चबूतरे बनाकर सब्जी बाजार को किया था व्यवस्थित
03-Sep-2024 3:52 PM
नगर पालिका ने 182 चबूतरे बनाकर सब्जी बाजार को किया था व्यवस्थित

चबूतरों से सडक़ पर उतरा बाजार, पैदल चलना मुश्किल

बलौदाबाजार, 3 सितंबर। शहर के अव्यवस्थित सब्जी बाजार को व्यवस्थित करने के लिए सडक़ों के किनारे सब्जी बेचने वाले सब्जी विक्रेताओं को 182 चबूतरे बनाकर बांटने वाला नगरी प्रशासन इन सब्जी विक्रेताओं को दो हफ्ते भी चबूतरे पर नहीं बैठा पाया। 

सडक़ के किनारे फिर से पसरे लग रहे हैं। लाखों रुपए की लागत से बनाए गए चबूतरों से सरककर पूरा का सब्जी बाजार फिर सडक़ों पर आ चुका है। अव्यवस्था पूरी तरह फैल गई है। बाजार में भीड़ इतनी रहती है कि पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। साप्ताहिक बाजार के अलावा जिस दिन त्यौहार रहता है, उस दिन और ज्यादा दिक्कत होती है। 

कार्रवाई के लिए दो से तीन की टीम भेजी जाती है
पालिका कर्मचारी कभी कभार दो-तीन कर्मचारियों को भेज कर तीन-चार लोगों की जब्ती बनाकर चले जाते हैं। कार्रवाई करने भेजे गए कर्मचारी कहते हैं कि जितनी बड़ी संख्या में सडक़ पर बैठे लोगों को हटाने के लिए हम दो-तीन लोगों को भेजा जाता है ऐसे में अगर हम सख्ती बरतते हैं तो वहां के कुछ युवक उदंडता पर उतर जाते हैं। हम कार्रवाई करें या खुद को बचाएं। 

ढीले ढाले रवैया से व्यवस्थित व सुंदर बाजार की योजना फेल हो रही 
सन 2000 में 112 चबूतरे बने गए 24 तक खाली पड़े रहे। अब जाकर इन चबूतरों का विधिवत आवंटन कर सब्जी विक्रेताओं को व्यवस्थापन किया गया। साल 2023 में अधोसंरचना मद से पौनी पसरी योजना के तहत 51 लाख की लागत से 30 दुकानें बनाई गई। 2024 में राज्य परिवर्तित योजना के तहत 21 लाख की लागत से 40 चबूतरे बनवाए गए। इन सभी का आवंटन भी कुछ माह पहले ही किया गया था। जिसके बाद बाजार कुछ दिनों के लिए ही व्यवस्थित हो पाया था। मगर प्रशासन के ढीले ढाले रवैया से व्यवस्थित हुआ सुंदर बाजार की योजना फेल होती जा रही है।समस्याओं से जूझता सब्जी बाजार को एक और नई समस्या से जूझना पड़ रहा है। सब्जी बाजार में टमाटर बेचने वाले विक्रेताओं से आ रही यहां के ठेलों और रिकशो पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग कर शोरगुल कर रहे हैं जिससे वाहन गुजरने वाले आसपास रहने वाले को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। 

सैकड़ों शिकायत अधिकारियों के पास फोन कॉल के जरिए आ रहे हैं। सख्त कार्यवाही के अभाव में हालत खराब होते जा रहे हैं। लाउडस्पीकर लगाने वाले दुकानदारों की संख्या बढ़ती जा रही है। प्रशासन ध्वनि विस्तारक यंत्रों के जब्ती नहीं कर रहा है। 

समय पर कभी पुलिस बल नहीं मिलता-अध्यक्ष 
व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी नगर पालिका की है। पुलिस प्रशासन के सहयोग से वह इस समस्या से सख्ती से निपट सकता है। कार्रवाई के लिए हमें पुलिस प्रशासन समय पर पुलिस बल नहीं देता। 

हमेशा बल देते हैं आगे भी देंगे- एएसपी 
वहीं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह का कहना है कि जनता की परेशानियों से जुड़ा मामला है। नगर पालिका को जब पुलिस बल चाहिए, हम देने को तैयार हैं। जब बल मांगा जाता है, हम उपलब्ध कराते हैं। आगे भी उपलब्ध कराए जाएंगे। 
 


अन्य पोस्ट