बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
भाटापारा, 25 अगस्त। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए भाटापारा विधायक इंद्र साव ने कहा कि बलौदाबाजार के मामले में साय सरकार अपनी नाकामी और पूरे देश में हुई बदनामी को छुपाने विपक्ष के नेताओं को परेशान कर रही है। कांग्रेस के विधायक देवेन्द्र यादव की गिरफ्तारी भाजपा की बौखलाहट को दर्शाता है।
यह विपक्ष को बदनाम करने की साजिश है। विधायक देवेन्द्र यादव बलौदाबाजार में न भाषण दिये और न ही कलेक्टर ऑफिस प्रदर्शन में शामिल हुये। वे भीड़ में पांच मिनिट रूक कर वापस आ गये थे। कही भी किसी हिंसक घटना में उनके संलिप्तता का कोई भी साक्ष्य नहीं और न ही वे किसी भी प्रकार की घटना में शामिल थे। पुलिस ने उनको गलत तरीके से गिरफ्तार किया है।
विधायक इंद्र साव ने राज्य सरकार से सवाल करते हुए कहा कि सरकार, पुलिस बताये किन भाजपा नेताओं को नोटिस दिया गया, पूछताछ की गयी। कांग्रेस के किन किन नेताओं का नाम है, हम खुद पूछताछ के लिये लेकर आयेंगे। न्याय संगत कार्रवाई होनी चाहिये।
भाजपा सरकार का चरित्र और व्यवहार 8 माह में ही अलोकतांत्रिक हो गया है। वही लोकतंत्र के चौथा स्तम्भ माने जाने वाले पत्रकारों को गलत तरीके से फंसाने उनकी गाड़ी में गांजा रखा जाता है।
विपक्ष के विधायक को झूठे मुकदमे में फंसा कर गिरफ्तार किया गया। सरकार बनते ही पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ झूठा मुकदमा ईओडब्ल्यू में दर्ज किया। बलौदाबाजार के मामले में सतनामी समाज और कांग्रेस के लोगों को चिन्हांकित करके उनको जेलों में डाला गया।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा ने कहा कि बलौदाबाजार में हुई आगजनी की भयावह घटना शासन प्रशासन की बड़ी लापरवाही व सरकार की इंटेलीजेंट के फैल हो जाने के कारण हुई। समय रहते सरकार व प्रशासन सचेत हो जाता व समाज के द्वारा सीबीआई जांच की मांग को पूर्व में ही मान लिया गया होता तो प्रदेश को शर्मसार करने वाली घटना से बचा जा सकता था।
पूरी घटना के लिये प्रदेश की भाजपा सरकार दोषी है। लचर कानून व्यवस्था और प्रशासन की निरंकुशता व लापरवाही से बलौदाबाजार में सतनामी समाज के आंदोलन में असामाजिक तत्वों की घुसपैठ हुई और इतनी बड़ी घटना को अंजाम दिया गया, जिसके लिए प्रदेश की भाजपा सरकार पूरी तरह दोषी है। उन्होंने कहा कि साय सरकार की अकर्मण्यता के चलते ही बलौदाबाजार में कानून व्यवस्था बिगड़ी है।


